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महिला और बाल आयोग अध्यक्ष से सरकार का टकराव, नहीं लौटाए पीएसओ और गाड़ी

राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय नियुक्त महिला आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती और बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल का गाड़ी और सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की सुविधा को लेकर सरकार से टकराव चल रहा है।

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राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय नियुक्त महिला आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती और बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल का गाड़ी और सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की सुविधा को लेकर सरकार से टकराव चल रहा है। विभागीय अधिकारियों के बाद अब मामला मुख्य सचिव सुधांश पंत तक पहुंच गया है।

गाड़ी व पीएसओ की सुविधा विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के समय वापस ली गई थी, लेकिन आचार संहिता समाप्त होने के बाद सरकार ने ये सुविधाएं बहाल नहीं की। इस कारण दोनों आयोगों की अध्यक्षों का बाहर सुनवाई के लिए जाने का कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है।

सूत्रों के अनुसार महिला आयोग अध्यक्ष चिश्ती का पिछले माह आदिवासी महिलाओं के जागरूकता कार्यक्रम में आशा, सहयोगिनी व साथिनों से मिलने के लिए बांसवाड़ा संभाग में जाने का कार्यक्रम था, लेकिन गाड़ी नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इन दोनों आयोग अध्यक्षों के कार्यकाल अगले साल तक है।

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महिला और बाल आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज ने कहा कि सरकार विधानसभा चुनाव आचार संहिता के समय ली गई गाड़ी लौटाने के बजाय गाड़ी के लिए 10 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान को तैयार है, लेकिन इस दर पर गाड़ी नहीं मिलती। इसके अलावा कई जगह सुनवाई के समय लोगों के आक्रामक होने का अंदेशा रहता है। अब इस मामले में मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा कि गाड़ी व पीएसओ की सुविधा के लिए मोटर गैराज और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा, लेकिन वहां से मामला सीएमओ में लंबित होने का जवाब मिला ।

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