12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खुशखबर, राजस्थान में बढ़ी बाघों की संख्या, देश में 9वें नम्बर पर पहुंचा प्रदेश

Good News For Rajasthan : राजस्थान में बाघों की जनसंख्या के संशोधित आंकड़े खुशी देने वाले हैं। सूबे में बाघों की संख्या महज चार साल में 69 से बढ़कर 88 हो गई है।

2 min read
Google source verification
tiger.jpg

Good News For Rajasthan

Tigers Increased in Rajasthan : खुशखबर। राजस्थान में चार साल में 69 बाघ से बढ़कर 88 बाघ हो गए हैं। राजस्थान में बाघ संरक्षण के प्रयास रंग लाने लगे हैं। इसी वजह से प्रदेश में बाघों की संख्या महज चार साल में 69 से बढ़कर 88 हो गई है। इससे राजस्थान बाघों की संख्या में देश में 9वें पायदान पर काबिज हो गया है। साथ ही प्रदेश के तीन टाइगर रिजर्व को देशभर के टाइगर रिजर्व में अच्छी श्रेणी का दर्जा भी मिला है। इस बात की पुष्टि विश्व बाघ दिवस (World Tiger Day) के उपलक्ष पर उत्तराखंड के नैनीताल स्थित जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व में आयोजित कार्यक्रम में टाइगर रिजर्व का प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन की अंतिम रिपोर्ट (पांचवें चक्र की) में हुई है।

इस रिपोर्ट को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने जारी किया है। इसमें राज्यवार बाघों की संख्या जारी की गई है। जिसके अनुसार राजस्थान में वर्ष 2014 में 45 बाघ, वर्ष 2018 में 69 बाघ थे। यह बढ़कर वर्ष 2022 में 88 हो गए। इसके तहत रणथम्भौर में 67, सरिस्का में 19 व मुकुंदरा और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 1-1 बाघ थे।



राजस्थान के तीन टाइगर रिजर्व अच्छी श्रेणी में शामिल

जारी रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के समस्त टाइगर रिजर्व की सूची भी जारी की गई है। रणथम्भौर नेशनल पार्क, मुकुंदरा टाइगर रिजर्व व सरिस्का टाइगर रिजर्व को अच्छी श्रेणी का टाइगर रिजर्व माना गया है। प्रदेश में वर्तमान में बाघों की संख्या 120 के करीब बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें - सरिस्का टाइगर रिजर्व में दो शावकों का जन्म, खुशी से झूमे सीएम और वन अफसर

बाघिन टी-111 के तीन शावकों का नामकरण

रणथम्भौर की बाघिन टी-111 के दो साल के तीन शावकों में से एक शावक नाम पैरालंपिक पदक विजेता अवनी लेखरा के नाम पर रखा गया है। मुख्य़मंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को ट्वीट करके इसकी घोषणा की है। सीएम गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस को और ऐतिहासिक बनाने के लिए रणथंभौर की बाघिन टी-111 के दो वर्ष के हो चुके तीन शावकों का नामकरण ‘चिंरजीवी’ ‘चिरायु’ एवं ‘अवनी’ किया गया है। 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया के नाम पर बाघिन टी-17 का नामकरण कृष्णा किया गया था। इसी तरह अब पैरालंपिक पदक विजेता अवनी लेखरा के नाम पर शावक का नाम अवनी होगा। पिछले एक माह में राजस्थान के रणथंभौर में छह शावकों ने जन्म लिया है।

टाइगर्स रिजर्व में कॉर्बेट नम्बर-1

रिपोर्ट के आधार पर देश के 53 टाइगर्स रिजर्व में से कॉर्बेट 260 बाघों के साथ टॉप पर बना हुआ है। राज्यों में मध्य प्रदेश ने नंबर एक स्थान बरकरार है। मध्य प्रदेश में बाघों की आबादी 526 से बढ़कर 785 हो गई है।

देश में 16 साल में बढ़े 2271 बाघ

गणना वर्ष - संख्या

2006- 1411

2010 - 1706

2014- 2226

2018- 2967

2022 - 3682 ।

यह भी पढ़ें - राजस्थान की जनता की लगी लाटरी, 15 अगस्त के बाद ये सामान मिलेंगे फ्री