
Give Up Campaign: जयपुर। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया गिव अप अभियान समाज में संपन्न वर्ग को प्रेरित कर रहा है कि वे स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी छोड़ दें, ताकि यह सुविधा उन जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के अनुसार, नवंबर से शुरू किए गए इस अभियान का प्रदेश में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में अपात्र लोग अपनी सब्सिडी छोड़ चुके हैं, जिससे सरकार को खाद्यान्न की बड़ी बचत हो रही है। यह बचा हुआ अन्न अब गरीबों की थाली तक पहुंच सकेगा। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी, क्योंकि यह सीधे गरीबों की सेवा से जुड़ा है। वास्तव में, गिव अप न केवल एक नीति है, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो गरीबों के जीवन में बदलाव लाने वाला है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को मंत्रालय भवन में दोनों विभागों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा की विभागीय अधिकारी अधिक से अधिक फील्ड विजिट कर योजनाओं के क्रियान्वयन का प्रभावी निरीक्षण करें एवं क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को चिन्हित कर त्वरित निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि सक्रियता से काम न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।उन्होंने कहा की अधिकारी सप्ताह में न्यूनतम 3 दिन आवश्यक रूप से फील्ड में दौरा कर निःशुल्क राशन की दुकानों का निरीक्षण करें। वे राशन डीलरों से संवाद स्थापित कर गिव अप अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।
गोदारा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित करने के लिए गवर्नमेंट अप्रूव्ड टेस्ट सेन्टर (जीएटीसी) खोले जाने हैं। उन्होंने कहा कि इन परीक्षण केंद्रों से वृहत स्तर पर रोजगार भी सृजित होगा। विभाग इसके संबंध में जल्द से जल्द प्रावधानों का निर्धारण कर इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़े।उल्लेखनीय है कि गवर्नमेंट अप्रूव्ड टेस्ट सेन्टर पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर उपयोग किए जाने वाले सभी प्रकार के माप और वजन के उपकरणों की जांच होगी। मशीनों और उपकरणों की जांच के बाद, परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस और सर्टिफिकेशन दिया जाएगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा 10 मार्च 2025 से राजस्थान कृषक समर्थन योजना के अंतर्गत अतिरिक्त बोनस राशि के साथ 2575 रुपए समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू की गई थी। समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों के माध्यम से लगभग 5 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान राज्य खाद्य आपूर्ति निगम लिमिटेड के रूप में विभाग के पास एक सक्षम निकाय विद्यमान है।
प्रदेश भर के दूरदराज के क्षेत्रों में अन्नपूर्णा भंडार खोले जाएंगे। इन दुकानों में किफायती दर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार सृजित होने के साथ-साथ आमजन को बचत भी होगी। उन्होंने अधिकारियों को अन्नपूर्णा भंडार खोलने के लिए उपयुक्त स्थानों को चिन्हित करने एवं आमजन की आवश्यकताओं के अनुसार उत्पादों की श्रेणियां निर्धारण करने हेतु दिशा निर्देश दिए।
Published on:
18 Apr 2025 12:34 pm
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