
Jain Bhagwati Diksha: चकाचौंध के इस दौर में करोड़ों रुपए की धन दौलत को दान कर घर-परिवार को त्याग जैन धर्म की प्रभावना फैलाने के उद्देश्य से जयपुर का एक परिवार जैन भगवती दीक्षा लेगा। शुरूआती दौर में संघर्ष कर आगे निकाले इस परिवार में पति-पत्नी और बेटा दीक्षा लेंगे।
मुनि महेन्द्र सागर के सान्निध्य में गलता रोड स्थित मोहनबाड़ी जैन मंदिर में तीन दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत 20 मई को गुरुदेव की पूजन से होगी। वहीं 21 मई को दीक्षार्थीयों का भव्य वरधोडा मोहनबाड़ी मदिर से निकाला जाएगा। 22 मई सुबह मुमुक्षु दी दीक्षा विधि होगी। छत्तीसगढ़ के बालाघाट के रहने वाले दीक्षार्थी राकेश सुराना (40), पत्नी लीना सुराना (36) और उनके पुत्र अमय सुराना (11) जयपुर में जैन भगवती दीक्षा लेंगे।
जीवन में शुरू से किया संघर्ष
राकेश सुराना ने बताया कि शुरुआत में बेहद संघर्ष किया। बालाघाट में ज्वैलरी का शोरूम शुरू खोला। अब दस करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति गौशाला, जैन छात्रावास सहित अन्य पुनीत कार्यों में दान दी है। जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ जयपुर की अगुवाई में मुनि महेंद्र सागर म.सा., मुनि मनीष सागर म.सा.आदि ठाणा और मणिप्रभा श्रीजी म.सा.के सान्निध्य में देशभर से भक्त शिरकत करेंगे। संघ के अध्यक्ष प्रकाश चंद लोढ़ा, उपाध्यक्ष अनूप पारख, सहमंत्री अनिल बैद ने बताया कि जयपुर में पहली बार एक साथ पूरा परिवार दीक्षा लेगा।
पति-पत्नी ने कहा धर्म से जुड़ाव जरूरी
बेंगलुरू बीएससी और यूके से ग्रेजुएट प्ले थैरेपी का अध्ययन कर चुकी दीक्षार्थी लीना वर्तमान समय में रायपुर के पास केवल्य धाम में जैन हाॅस्टल, स्कूल चलाकर जैन धर्म का प्रचार प्रसार कर रही है। वहीं उनके पति राकेश खुद स्नातक डिग्री धारी है। उन्होंने कहा कि भौतिक सुविधाओं के साथ धर्म का जुड़ाव होना चाहिए। परिवार में 2008 में उनकी मां और बहन ने भी दीक्षा ले चुके हैं। बेटे अमय ने कहा कि आत्मा का कल्याण करने और मोक्ष जाने के लिए दीक्षा लेंगे।
Updated on:
19 May 2022 12:55 pm
Published on:
19 May 2022 12:51 pm

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