किसानों से खरीद रहे सस्ता दूध, उपभोक्ताओं को महंगा

अलवर सरस डेयरी में दूध की आवक भरपूर हो रही है। जिससे दूध के भाव लगातार कम हो रहे हैं। गर्मियों से अब तक दूध के भावों में पांच रुपए लीटर की कमी आ चुकी है, लेकिन उपभोक्ताओं को पुराने भाव पर ही दूध मिल रहा है। सस्ते दूध का फायदा ग्राहकों को नहीं मिल पा रहा है।

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Dec 13, 2015
अलवर सरस डेयरी में दूध की आवक भरपूर हो रही है। जिससे दूध के भाव लगातार कम हो रहे हैं। गर्मियों से अब तक दूध के भावों में पांच रुपए लीटर की कमी आ चुकी है, लेकिन उपभोक्ताओं को पुराने भाव पर ही दूध मिल रहा है। सस्ते दूध का फायदा ग्राहकों को नहीं मिल पा रहा है।

अलवर डेयरी में गर्मियों में दूध की कमी होती है और मांग बढ़ती है। जिससे भाव भी बढ़ जाते हैं। सर्दियों में मांग से अधिक दूध की आवक होती है, जिससे भाव सामान्य रहते हैं। इस बार भी कुछ यही हाल है।

सरस डेयरी द्वारा गर्मियों में गांवों से 10 प्रतिशत फैट का दूध 53 रुपए लीटर में खरीदा गया। बाजार में एफसीएम दूध 48 रुपए, टोंड 38 रुपए, स्टैंडर्ड 39 रुपए और डीटीएम 34 रुपए लीटर में बेचा गया।

सर्दियों में डेयरी द्वारा किसानों से 10 प्रतिशत फैट का दूध 48 रुपए लीटर में खरीदा जा रहा है। दूध के भाव पांच रुपए लीटर गिर चुके हैं, लेकिन सरस डेयरी द्वारा अभी भी पुराने और महंगे भाव पर दूध की सप्लाई की जा रही है।

विभाग का तर्क

अलवर डेयरी के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि डेयरी में सप्लाई से ज्यादा दूध आ रहा है। जो अतिरिक्त दूध है, उसका पाउडर और घी बनाया जाता है।

पाउडर बनाने में 225 रुपए किलो का खर्चा आता है, जबकि पाउडर का वर्तमान भाव 175 रुपए किलो का है। उस घाटे को दूध की सप्लाई से पूरा किया जा रहा है। इस समय जो पाउडर बनाया जाता है, उसकी सप्लाई गर्मियों में की जाती है।

शरद चौधरी एमडी सरस डेयरी अलवर ने बताया कि जल्द ही दूध के दाम घटाए जाएंगे। 15 दिसम्बर से टोंड दूध के रेट दो रुपए लीटर कम होंगे। वाकी दूध के भाव भी घटाए जाएंगे। दूध के भाव में जो कमी आई है। उसका फायदा उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए।
Published on:
13 Dec 2015 01:11 pm
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