
कालभैरव जयंती : रंग—बिरंगे गुब्बारों से सजे भैरव मंदिर, व्यंजनों का लगाया भोग
जयपुर। कालाष्टमी यानी कालभैरव जयंती शनिवार को विभिन्न योग संयोगों में मनाई गई। इस मौके पर परकोटे समेत अन्य जगहों के भैरव मंदिरों व शनि मंदिरों में तेलाभिषेक सहित कई धार्मिक अनुष्ठान किए गए। भैरव मंदिरों में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगा कर विशेष झांकियां सजाई गईं। वहीं शहर में सुबह से ही दान—पुण्य का दौर जारी रहा। न्यू गेट स्टेज कोटेश्वर भैरूनाथ मंदिर को रंग—बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री ने बताया कि भगवान भैरव की पूजा करने के साथ ही भैरव के वाहन काले श्वान को भोजन करवाने एवं शाम के समय भगवान भैरव की प्रतिमा के सामने चौमुखा दीपक जलाने से सभी प्रकार के ग्रहदोष शांत होते है। राहू-केतु की कुदृष्टि से बचने व शनि की साढ़े शति और ढैय्या से निजात पाने के लिए बटुक भैरव के 11 बारह पाठ करें साथ ही शनिदेव का तेलाभिषेक करें। 2007 के बाद भैरव अष्टमी शनिवार को आना कई मायनों में खास है। वहीं सूर्य, बुध, केतु वृश्चिक राशि में रहने से त्रिग्रही योग सभी राशि के जातकों के लिए विशेष फल देने वाला होगा।
Published on:
27 Nov 2021 09:54 pm
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