जयपुर

Kota: बेटे की जगह पिता की सर्जरी! छलका अशोक गहलोत का दर्द, बोले- ऐसी स्थिति प्रदेश के लिए चिंता का विषय

Rajasthan Politics: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गहरी चिंता जाहिर की है।

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Apr 17, 2025

Rajasthan Politics: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गहरी चिंता जाहिर की है। गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए भजनलाल सरकार के हालिया फैसलों को लेकर निशाना साधा। साथ में प्रदेश के अस्पतालों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर भी पूर्व सीएम गहलोत ने चिंता जताई।

अशोक गहलोत ने क्या लिखा?

अशोक गहलोत ने अपनी पोस्ट में प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि हमारी कांग्रेस सरकार के समय राजस्थान देश का सबसे बेहतरीन हेल्थ मॉडल स्टेट बन गया था। सबसे ज्यादा इंश्योरेंस कवरेज, सबसे ज्यादा नए PHC, CHC, उपजिला अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल, जिला अस्पताल, रेफरेल हॉस्पिटल, नए मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, नए डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भर्तियां, शानदार कोविड मैनेजमेंट, राइट टू हेल्थ कानून आदि देशभर में चर्चा में रहे।

उन्होंने कहा कि अब मेडिकल से संबंधित रोज आने वाली खबरें राजस्थानियों को शर्मसार करने वाली हैं। सरकारी अस्पतालों में न दवाएं हैं, न इलाज हो रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि कई सरकारी अस्पतालों में गर्मी से निपटने के लिए कूलर, AC तक नहीं हैं। रखरखाव के लिए पैसा न देने के कारण RUHS जैसे बड़े अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर तक में AC नहीं है। मीडिया में यहां तक खबरें आने लगी हैं कि कहीं मरीज की जगह उनके पिता की सर्जरी की जा रही है तो कहीं मृतक के शव को सम्मानपूर्वक ले जाने के लिए शव वाहन तक उपलब्ध नहीं है।

गहलोत ने कहा कि चिकित्सा विभाग से जुड़ी तमाम योजनाओं को भी फ्लैगशिप स्कीमों की सूची से बाहर कर दिया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं हैं परन्तु ऐसी स्थिति पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। इस स्थिति में सुधार की आवश्यकता है।

ये था पूरा मामला

गौरतलब है कि कोटा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। यहां मरीज की जगह किसी दूसरे रोगी के अटेंडेंट पिता को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर सर्जरी शुरू कर दी थी। हालांकि, समय रहते गलती पता चलने से सर्जरी का प्रोसेस पूरा नहीं किया गया। घटना 12 अप्रेल की है, लेकिन बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता के अस्पताल अधीक्षक से शिकायत करने पर मामला उजागर हुआ था।

Published on:
17 Apr 2025 03:25 pm
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