
जयपुर। राजस्थान सरकार ने फर्जी अनुदान प्राप्त करने वाली गोशालाओं पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जैसलमेर जिले की संदिग्ध गोशालाओं की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। मंत्री ने दोषी गोशालाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और दंडस्वरूप अनुदान की वसूली के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाया जा सके। सरकार की इस सख्ती से गोशाला प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनुदान केवल योग्य संस्थानों को ही मिलेगा। अधिकारियों ने सूचित किया कि अप्रैल माह से गोशालाओं को नई बजट घोषणा के अनुसार अनुदान राशि दी जाएगी।
बैठक में गोशालाओं को भूमि आवंटन के नियमों में संशोधन पर राजस्व विभाग के प्रतिनिधि के साथ विस्तृत चर्चा हुई। वर्तमान नियमों के अनुसार ग्राम पंचायतों में आश्रय स्थल खोलने में कठिनाई हो रही है। कुमावत ने इस समस्या के निराकरण के लिए गौशाला अधिनियम 1960 के दिशानिर्देशों में कुछ लचीलापन लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर आश्रय स्थलों की योजना के नियमों में कुछ संशोधन किया जाए जिससे गोशालाएं खोलने में सुविधा हो और इनकी संख्या बढ़े।
बैठक में जिला स्तरीय नंदीशाला योजना के संशोधित प्रारूप पर भी चर्चा हुई। मंत्री कुमावत ने कहा कि वर्तमान में जिला स्तर पर नंदीशाला खोलने के लिए दी जा रही अनुदान राशि बहुत ही कम है जिसकी वजह से नंदीशालाएं नहीं खुल रही हैं। इसे बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए वित विभाग को भेजने के अधिकारियों को निर्देश दिए। गोशाला विकास योजना के लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द निस्तारण कर उन्हें शून्य पर लाने का निर्देश भी कुमावत ने अधिकारियों को दिया।
जोराराम कुमावत ने इस अवसर पर गोपालन विभाग द्वारा अनुदानित गौशालाओं में गौवंश को बेहतर सुविधा प्रदान करने मुख्य निष्पादन संकेतकों के आधार पर मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर गौशाला की रैंकिंग व ग्रेडिंग व्यवस्था गोपालन वेब एप्लीकेशन पर KPI के मॉडयूल का लोकार्पण भी किया। इस व्यवस्था को लागू करने से गौशालाओं में सुविधा, विकास एवं अपेक्षित गतिविधियों के क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
Published on:
04 Apr 2025 10:20 am

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