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जयपुर में विधानसभा के बाहर एसीबी ने बिछाया जाल, अलवर के इस घूसखोर अधिकारी को किया ट्रेप…

प्रॉपर्टी के दस्तावेज वगैरह खंगाले गए हैं। अभी सब कंपाइल होने के बाद प्रॉपर्टी दस्तावेजों के बारे में बताया जा सकेगा। आज सुबह पांच बजे तक एसीबी की ओर से दस्तावेजों को खंगाला गया है।

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जयपुर। राजधानी में रात में घूसखोरी के आरोप में अलवर नगर निगम के राजस्व अधिकारी युवराज मीणा को एसीबी ने गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्व अधिकारी युवराज मीणा को विधानसभा के गेट के बाहर से रात करीब सवा 8 बजे 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आरोपी अपने साथ रिश्वत लेने के लिए प्राइवेट व्यक्ति लेकर पहुंचा था। उसे विधानसभा के गेट पर उतारा। जिसने रकम ली। लेकिन एसीबी ने मौके पर आरोपी राजस्व अधिकारी को भी ट्रेप कर लिया। एसीबी के अनुसार यह रिश्वत अलवर में यूडी टैक्स का टैंडर ले चुकी कंपनी से उसके कामकाज को आगे बढ़ाने के एवज में मांगी थी। एसीबी के अनुसार अक्टूबर नवंबर माह में ही अलवर में यूडी टैक्स वसूलने वाली कंपनी ने टेंडर लिया था। इस कंपनी से नगर निगम के आरओ युवराज मीणा ने रिश्वत मांगी। कंपनी के कामकाज की फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहा था। इसके एवज में घूस मांगी गई थी।

आज सुबह चार बजे तक खंगाले रिकॉर्ड..

एसीबी के अफसरों ने बताया कि युवराज मीणा जयपुर के आमेर में रहता है। रात को उसके घर पर भी देर रात सर्च चला है। अलवर नगर निगम के कार्यालय में फाइलों को देखा गया है। प्रॉपर्टी के दस्तावेज वगैरह खंगाले गए हैं। अभी सब कंपाइल होने के बाद प्रॉपर्टी दस्तावेजों के बारे में बताया जा सकेगा। आज सुबह पांच बजे तक एसीबी की ओर से दस्तावेजों को खंगाला गया है।

अभी भी जांच जारी, खुलेगी पोल…

अलवर में नगर निगम के हॉर्डिंग का टैंडर अटका हुआ है। कई बार हॉडिंग का टेंडर जारी नहीं होने के पीछे मिलीभगत की शिकायतें पहुंची है। केवल टेंडर नहीं होने से निगम को हर साल कई करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। अफसर इस मसले पर जांच करेंगे तो रिश्वत की परतें सामने आ सकती हैं। इस मामले में एसीबी लगातार दस्तावेज खंगाल रही है। ऐसे में अलवर निगम में भ्रष्टाचार में शामिल कई अधिकारियों की पोल खुलकर सामने आ सकती है।

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