
CG News: नए पीढ़ी को औषधीय पौधों का ज्ञान व रुचि से प्राकृतिक चिकित्सा को मिलेगा बढ़ावा। इससे यहां की अगली पीढ़ी वनौषधियों को संरक्षित कर सकेंगे। गौरतलब है कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में बहुत जल्द ही पारंपरिक रूप से प्राकृतिक हीलिंग सेंटर स्थापित करने जा रही है।

CG News: आने वाले दिनों में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में बस्तर क्षेत्र के वनौषधियों से संबंधित परंपरागत ज्ञान के जानकारों के लिए कार्यशाला आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यशाला के माध्यम से अनुभवी और वनस्पतियों का ज्ञान रखने वाले वैद्यराज पारंपरिक चिकित्सा के लिए हीलिंग सेंटर में अपना सेवा प्रदान करेंगे।

CG News: इसके लिए बस्तर संभाग के वैद्यराजों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा ने बताया कि कार्यशाला में वनौषधियों से संबंधित परंपरागत ज्ञान का अभिलेखीकरण की जाएगा। कार्यशाला में वैद्यराज जंगल के वनस्पतियों का ज्ञान हस्तांतरित कर सकेंगे जिससे वनौषधि के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ेगी व पेटेंट राइट की भी संभावनाएं बढ़ेंगी।

CG News: इस हीलिंग सेंटर में स्थानीय वैद्य राज होम स्टे कर चिकित्सा का लाभ लेने वाले पर्यटकों को वनौषधि के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्रदान करेंगे। सीसीएफ आरसी दुग्गा ने बताया कि बस्तर के जंगलों में औषधीय गुणों वाली कई जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं।

CG News: वनौषधि जड़ी-बूटियों से बनी दवाएं होती हैं और वैद्य राज आयुर्वेद के डॉक्टर होते हैं बस्तर के जंगलों में औषधीय गुणों वाली कई जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। बस्तरों के जंगलों में औषधीय गुणों वाली कई जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। कई प्रजातियां लुप्त हो रही हैं।