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इस शहर में हैं दुनिया की अद्भुत हनुमान प्रतिमाएं, कहीं सैकड़ाें साल से पैरों में दबे हैं शनिदेव

Hanuman Jayanti 2024: एमपी के इस शहर में विराजीं भगवान हनुमानजी की प्रतिमाएं अनोखी गाथाएं सुनाती हैं, कहीं सात सौ साल पुराने मंदिरों की ऐतिहासिक गाथा तो कहीं माता की गोद में विराजे हनुमान जी की विश्व की इकलौती मूर्ति भक्तों को आकर्षित करती है

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Hanuman ji

संस्कारधानी के कई हनुमान मंदिरों की बात निराली है। इनमें कई जन मान्यताएं जुड़ी हैं। 20 से अधिक मंदिरों में हनुमानजी की प्राचीन प्रतिमाएं स्थापित हैं। हनुमान जन्मोत्सव पर 23 अप्रेल को इन मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। हनुमान जयंती के मौके पर इन मंदिरों में आकर्षक सजावट की जा रही है। कांचघर

चुंगी चौकी, मदनमहल, हाइकोर्ट, सदर, स्नेह नगर, गौतमजी की मढ़िया, तिलवाराघाट, गढ़ा बाजार, पचमठा, रांझी दर्शन तिराहा, दमोहनाका, निवाडग़ंज, एकता चौक, गंगासागर, शारदा चौक, मदनमहल पहाड़ी, शास्त्री नगर, पंडाजी की मढ़िया, पांडे चौक सहित अन्य जगह प्रमुख मंदिर हैं।

यहां हनुमान जी के पैर के नीचे हैं रावण-महिरावण की कुलदेवी

बड़ा फुहारा स्थित श्री बड़े महावीर हनुमान मंदिर के पुरोहित अभिषेक पुजारी ने बताया कि मंदिर का संचालन सातवीं पीढ़ी कर रही है। ये मंदिर 700 वर्ष पुराना है। मंदिर में विराजित हनुमानजी की प्रतिमा के बांए पैर के नीचे रावण-महिरावण की कुलदेवी निकुबला देवी दबी हैं। इस वजह से हनुमानजी मोहिनी स्वरूप में हैं।

प्राचीन मंदिर होने के कारण लोगों की गहरी आस्था है। हनुमान जन्मोत्वस पर मंगलवार को प्रात: 6 जन्म आरती के साथ ही कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। सुबह हवन पूजन किया जाएगा। वहीं शाम को भजन संध्या होगी। 28 अप्रेल को हनुमानजी के छठी महोत्सव पर सुंदर कांड पाठ व भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

देवताल में है 72 फीट ऊंची प्रतिमा

देवताल की पहाड़ी के सामने हितकारिणी स्कूल के पास पहाड़ी पर बजरंगबली की 72 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है। माना जाता है कि हनुमान जी की इस प्रतिमा पर सूर्य की पहली और अंतिम किरण भी नमन करके जाती है।

तिलहरी में हैं बैठे हुए हनुमानजी

मंडला रोड पर तिलहरी स्थित चैतन्य सिटी में बैठे हुए मुद्रा में हनुमानजी की 108 फीट ऊंची प्रतिमा प्रतिष्ठित है। निर्माताओं का दावा है कि बैठी हुई अवस्था में हनुमानजी की यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है।

हनुमानजी के चरणों में दबे शनिदेव वाली प्रतिमा

श्री सिद्ध हनुमान मंदिर शास्त्री ब्रिज में सिद्ध हनुमानजी की 200 वर्ष पुरानी मूर्ति स्थापित है। मूर्ति में हनुमानजी के चरणों में शनि देव महाराज हैं। 7 जून 2019 को मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया।

माता अंजनी की गोद में हनुमानजी

नगर से 10 किमी दूर ग्राम तेवर में अपनी माता अंजनी देवी की गोद में विराजित बाल हनुमान की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। यह प्रतिमा दो हजार वर्ष पुरानी है। जानकारों के अनुसार इस अवस्था में यह देश की एकमात्र ऐसी प्रतिमा है।

यहां मूर्ति पर हैं क्रेन के निशान

टेलीग्राफ गेट नंबर दो के पास स्थित हनुमान मंदिर के प्रबंधक धर्मेंद्र दुबे ने बताया कि मंदिर का इतिहास ढाई सौ साल पुराना है। वर्षों पहले प्रतिमा को स्थानांतरित करने की बात उठी तो काफी मशक्कत की गई, क्रेन मशीनों से भी प्रतिमा टस से मस न हो सकी थी। अब भी प्रतिमा के पीछे क्रेन से उठाने के चैन के निशान हैं। यहां हर वर्ष दो दिन तक हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है।

भक्त के रूप में खड़े भगवान श्री हनुमान

जीसीएफ इस्टेट चुंगी चौकी के समीप राममंदिर में भक्त के रूप में खड़े हुए मुद्रा में श्री हनुमान की विशाल प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रहती है। मंदिर में श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मी की प्रतिमा के साथ ही राधा कृष्ण की प्रतिमा भी है।

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