यहां बनता है एक दिन में पासपोर्ट, करना पड़ता है ये काम
जबलपुर. शहर में रीजनल पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू होने के दो साल बाद भी लम्बी वेटिंग चल रही है। सेवा केंद्र की शुरुआत में प्रतिदिन 40 आवेदकों के अप्वॉइंटमेंट लिए गए, इसके बाद भी बढ़ती वेटिंग को देखते हुए यह संख्या 60 और 75 की गई। इसके बावजूद आवेदकों को परेशानी हो रही थी। फरवरी 2019 में प्रतिदिन 80 आवेदन लिए जाने लगे। इसके बावजूद जबलपुर स्थित रीजनल पासपोर्ट सेवा केंद्र में एक माह की वेटिंग चल रही है। इससे आवेदकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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रीजनल पासपोर्ट सेवा केंद्र: तत्काल पासपोर्ट बनवाने की सुविधा भी नहीं
दो साल में दोगुने अप्वॉइंटमेंट, फिर भी वेटिंग का झंझट
तत्काल पासपोर्ट के लिए भोपाल की दौड़-
तत्काल पासपोर्ट बनवाने की सुविधा अभी भोपाल और इंदौर में ही है। शहर में यह सुविधा उपलब्ध कराने की मांग लम्बे समय से की जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्रतिमाह जबलपुर और केंद्र से जुड़े शहरों से 150 से अधिक लोग तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं। इसके लिए उन्हें भोपाल जाना पड़ता है।
दूसरा सर्वाधिक अप्वॉइनमेंट वाला केंद्र
प्रदेश में मुख्य डाकघरों में पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। जबलपुर सेवा केंद्र में पहले प्रतिदिन 40 आवेदकों के अप्वॉइंटमेंट लिए जाते थे। आलम यह है कि दो साल में जबलपुर प्रदेश में सर्वाधिक अप्वॉइंटमेंट देने वाले केंद्रों में दूसरे स्थान पर आ गया है। इंदौर में प्रतिदिन 300 सामान्य व तत्काल पासपोर्ट के लिए 20 अप्वॉइंटमेंट दिए जाते हैं। जबलपुर में प्रतिदिन सामान्य पासपोर्ट बनवाने के लिए 80 आवेदन आ रहे हैं।
इसलिए बढ़ रही वेटिंग
मुख्य डाकघर स्थित रीजनल पासपोर्ट सेवा केंद्र में जबलपुर के अलावा दमोह, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, मंडला, उमरिया, डिंडोरी सहित अन्य जिलों के आवेदकों के पासपोर्ट अपाइंटमेंट लिए जाते हैं। इसलिए यहां लंबी
वेटिंग रहती है।
ऐसे बढ़ा ग्राफ
- 30 मार्च 2017 को खुला सेवा केंद्र
- 40 थी एक दिन के अप्वॉइंटमेंट की संख्या
- 60 की गई एक साल बाद
- 75 तक पहुंचा आंकड़ा नवंबर 2018 में
- 80 तक पहुंचा ग्राफ फरवरी 2019 में
इन जिलों में लम्बी वेटिंग
इंदौर : 13 मार्च तक
ग्वालियर : 18 मार्च तक
जबलपुर : 20 मार्च तक
उज्जैन : 01 मार्च तक
नए अप्वॉइंटमेंट 20 मार्च तक फुल प्रतिदिन अप्वॉइंटमेंट 80