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डकैती कर चुका है सिटी अस्पताल का डायरेक्टर मोखा, नकली इंजेक्शन मामले में पहुंचा जेल

डकैती कर चुका है सिटी अस्पताल का डायरेक्टर मोखा, नकली इंजेक्शन मामले में पहुंचा जेल  

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vhp leader arrested

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जबलपुर/ गुजरात के सूरत से नकली रेमडेसिविर लाने और उसे खपाने के मामले का मुख्य आरोपी सिटी अस्पताल का संचालक सरबजीत सिंह मोखा डकैती की वारदात को भी अंजाम दे चुका है। वर्ष 2004 में हथियारों से लैस मोखा और उसके साथियों ने नेपियर टाउन में डकैती की थी। इस मामले में गोरखपुर पुलिस ने मोखा और उसके साथियों पर भारतीय दंड विधान की धारा 395, 397, 120 बी समेत आम्र्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इसका खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने मोखा का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला।

गोरखपुर थाने में वर्ष 2004 में मोखा समेत अन्य पर दर्ज हुआ था मामला

अपराध के षडय़ंत्र में माहिर है मोखा
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में ओमती पुलिस ने मोखा समेत उसके दवा इंचार्ज देवेश चौरसिया और भगवती फार्मा के संचालक सपन जैन के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 274, 275, 308, 420, 120 बी और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 53 और महामारी अधिनियम की धारा तीन के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गोरखपुर में वर्ष 2004 में दर्ज मामले में भी मोखा पर 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

नेपियर टाउन में की थी डकैती
पुलिस के अनुसार सिविल लाइंस पचपेढ़ी निवासी सरबजीत सिंह मोखा अपने साथियों के साथ 23 मई 2004 की सुबह पौने नौ बजे 707 नेपियर टाउन में रहने वाले विलियम परेरा के घर पहुंचा। मोखा और उसके साथी हथियारों से लैस थे। आरोपियों ने परेरा परिवार पर हमला किया और डकैती की वारदात को अंजाम दिया। गोरखपुर पुलिस नेपियर टाउन पहुंची थी। उसके बाद विजय परेरा की रिपोर्ट पर मोखा व उसके साथियों पर डकैती, आपराधिक षडय़ंत्र व अवैध रूप से हथियार रखने का मामला दर्ज किया गया था।

और भी अपराधों का लगाया जा रहा है पता
मोखा के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। सभी थानों को मोखा और उसके पिता का पूरा नाम दर्ज कराया गया है। इसके बाद थाना प्रभारियों और उनके स्टाफ को यह निर्देश आला अधिकारियों ने दिए हैं कि वे अपराधियों के रिकॉर्ड में यह जांचें कि कहीं मोखा के खिलाफ कोई और आपराधिक मामला तो दर्ज नहीं है। इसके बाद पूरे जिले की पुलिस मोखा के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।


सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा व उसके साथियों के खिलाफ 23 मई 2004 में गोरखपुर थाने में डकैती और आम्र्स एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
- सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी