
ahir dance video
जबलपुर. गुलौआ चौक स्थित मरही माता, चंडी माता मंदिर के पास मंगलवार को दो दिवसीय चंडी मेले का शुभारम्भ हुआ। चंडी माता की परिक्रमा और मनोकामना पूर्ति के बाद लोगों ने खरीदारी की। परम्परागत वेश भूषा में कलाकारों ने अहीर नृत्य कर दिवारी गायन किया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति एवं ग्रामीण परिवेश की अद्भुत झलक दिखी। रानी दुर्गावती मित्रमंडल के तत्वावधान में आयोजित मेले में गुलौआ से संकट मोचन हुनमान मंदिर एवं रेलवे फाटक के पास तक दुकानें लगी हैं। बीटी तिराहा और गंगा सागर की ओर जाने वाली सडक़ पर लगाई गई दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों को तांता लगा रहा। रोशनी से नहाए गुलौआ चौक के आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के पुराने गीत-संगीत की धुन में लोगों ने मेले का आनंद लिया।
गुलौआ में शुरू हुआ दो दिवसीय मड़ई मेला, अहीर नृत्य-दिवारी के साथ दिखी संस्कृति
मित्रमंडल के पार्षद संजय राठौड़ ने बताया, संस्कारधानी में गुलौआ मंदिर से ही मड़ई मेले की शुरुआत होती है। उसके बाद त्रिपुरी चौक और देवताल में मड़ई मेला लगाया जाएगा। बुजुर्ग राम स्वरूप गुप्ता ने बताया, शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के दुकानदारों को बिना शुल्क के सुविधाएं दी जाती हैं। दुकानदारों की दूसरी पीढ़ी भी यहां आई है। मेले में शेलू ठाकुर, राजू ठाकुर, लकी ठाकुर, अरुण जैन, आशीष भट्ट ने लोगों की सुविधाओं पर ध्यान दिया।
कला ने मोहा मन
मड़ई मेला में बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने कला के हुनर की शानदार प्रस्तुति दी। मिट्टी की कलाकृतियां सबसे आकर्षक हैं। कपड़े, बर्तन, सौंदर्य प्रसाद, गृहस्थी आदि के सामानों पर लोगों ने खरीदारी की। 100 रुपए किलो मिठाई बिकी तो चाट फुल्की और समोसे के स्टॉलों पर लोगों की भीड़ लगी रही। रात 10 बजे के बाद मेले में भीड़ बढऩे लगी और रात 12 बजे माता चंडी की परिक्रमा होती रही। लोगों ने खरीदारी की और सेल्फी ग्रुफी लेकर यादें संजोई।
यहां लगेंगे मेले
बुधवार- गुलौआ चौक
गुरुवार - त्रिपुरी चौक
शुक्रवार- देवताल
Published on:
30 Oct 2019 12:57 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
