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आरोपित बरी होते ही हड़कंप, अफसर दौड़े कोर्ट, बावड़ी हादसा में 36 की मौत की प्रशासनिक रिपोर्ट पर उठे सवाल

Indore Bawadi Hadsa: दो साल पहले 30 मार्च को रामनवमी पर स्नेहनगर उद्यान में मौजूद बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर बावड़ी पर हुआ था हादसा, मौत के आरोपी 2 साल बाद बरी हुए, तो प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर अब उठ रहे सवाल, जानें क्या है पूरा मामला...

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Indore Bawadi Hadsa

Indore Bawadi Hadsa

Indore Bawadi Hadsa: दो साल पहले 30 मार्च को रामनवमी पर स्नेहनगर उद्यान में मौजूद बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर बावड़ी हादसे (Indore Bawadi Hadsa) का गुरुवार को फैसला आते ही जिला प्रशासन में हड़कंप (stirred) मच गया। शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारी दौड़े-दौड़े जिला कोर्ट पहुंच गए। पहले एसडीएम और उनके बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने कोर्ट पहुंचकर जानकारी ली।

36 लोगों की हुई थी मौत

बावड़ी कांड (stir as soon as the accused was acquitted of Indore Bawadi Hadsa) में 36 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में प्रशासन की मजिस्ट्रियल जांच में दोषी बनाए जाने के बाद पुलिस ने भी बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरलीधर सबनानी पर केस दर्ज कर लिया था। दोनों को पुलिस ने गैरइरादतन हत्या और लोगों को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट के समक्ष पेश किया था।

इस मामले में लगभग एक साल चली सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्रसिंह कुशवाह की कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों आरोपितों को बरी (Accused Acquitted) कर दिया। जिला कोर्ट का फैसला आने के बाद प्रशासन की पूरी कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

आदेश सार्वजनिक नहीं...

शुक्रवार दोपहर तक कोर्ट का आदेश सार्वजनिक नहीं हो पाया था। जूनी इंदौर एसडीएम प्रदीप सोनी जिला कोर्ट पहुंचे और आदेश की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। कलेक्टर सिंह भी कोर्ट पहुंचे। वे भी आदेश के बारे में जानकारी लेते रहे।

हाईकोर्ट तक पहुंचा आदेश

बताया जा रहा है कि चूंकि ये मामला संवेदनशील मामलों में शामिल है, इसलिए इसमें कोर्ट ने जो आदेश पारित किया है, उसकी एक प्रति मुय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ ही हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ (High Court Indore Bench) को भी पहुंचाई गई है।

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