श्रमण संघीय राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश के 5 अप्रेल तक कर्नाटक के गदग एवं 8 अप्रेल तक कोप्पल पहुंचने की संभावना है। मुनि ने सोमवार को हुब्बल्ली से गदग के लिए विहार किया। इस बीच मुनि ने यहां हुब्बल्ली में हरियाल पार्क स्थित एक वृद्धाश्रम का अवलोकन करने के बाद कहा कि विश्व के विभिन्न धर्मों की उपासना पद्धति अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन सभी ने सेवा को आदर्श और उत्कृष्ट धर्म बताया है।
देश में वृद्धाश्रम का होना कलंक
राष्ट्र संत ने कहा, पीडि़त आत्माओं को अनदेखा करके परमात्मा की पूजा भक्ति करना आत्मा और परमात्मा के साथ धोखा है। निष्काम और निस्वार्थ भावों से प्रत्येक आत्मा की सेवा में समर्पित होना चार धाम की यात्रा करने से बढ़कर हैं। मुनि ने कहा, मानव सेवा ही माधव सेवा है। भारत जैसे आध्यात्मिक देश में वृद्धाश्रम का होना कलंक और शर्मनाक घटना हैं।
मानव सेवा का पांचवा प्रकल्प
जैन संत ने कहा, जिनके माता-पिता की आंखों से पीडि़त होकर गम आंसू नयन से छलक पड़ते हैं, उनके द्वारा किया गया दान, त्याग, तपस्या मुर्दे को श्रृंगार करने के समान है। विक्की भाई फाउंडेशन द्वारा संचालित आश्रम की जानकारी देते हुए विक्रम भूरट ने बताया कि गुरु के आशीर्वाद से यह मानव सेवा का पांचवा प्रकल्प प्रारंभ किया गया है।
विक्रम भूरट, तेजराज जैन एवं अजय जैन राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश जैन इचलकरंजी ने अपने संदेश में इनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए विक्रम भूरट, तेजराज जैन एवं अजय जैन को दिवाकर मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य मनोनीत किया। इस अवसर पर अजय जैन, सागर जैन, पारसमल पटवा, भारत नाहर, मनीष भूरट, गगन जैन ने दिवाकर मंच की ओर से विक्रम का अभिनंदन किया।