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एक कमरे में देख सकेंगे पूरी Electric Train , पलक झपकते ही मालूम होगी लोकेशन

वोल्टेज सहित फॉल्ट पर भी रहेगी नजर। प्रस्तावित योजना के अनुसार रेलवे अजमेर से पालनपुर के बीच 2019 में चलाना शुरू कर देगा इलेक्ट्रिक ट्रेन।

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raktim tiwari

Jun 17, 2017

electric train control from hitech room

electric train control from hitech room

अजमेर से उदयपुर और अजमेर-पालनपुर के बीच बिजली से गाड़ी चलाने की परियोजना के तहत मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में रिमोट नियंत्रण केन्द्र खोला जा रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य विद्युत इंजीनियर मुश्ताक अहमद और मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला ने इस केन्द्र का शिलान्यास किया। इस भवन निर्माण पर लगभग दो करोड़ रुपए की लागत आएगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस नियंत्रण कक्ष में विद्युतीकृत रेलवे मार्ग पर आने वाली खराबी, वोल्टेज के स्तर और खराबी की लोकेशन का पता चल जाएगा। रेलवे अधिकारी नियंत्रण केन्द्र पर बैठकर अजमेर से उदयपुर और अजमेर से पालनपुर के बीच चलने वाली विद्युतीकृत ट्रेनों पर नजर रख सकेंगे।

अगले साल पूरी होगी योजना

अजमेर-उदयपुर के बीच 294 किलोमीटर रेलवे ट्रेक को विद्युतीकृत करने का कार्य चल रहा है। इस पर लगभग 320 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस मार्ग पर अजमेर से भीलवाड़ा तक फाउंंडेशन व मास्ट संस्थापन का कार्य पूरा हो चुका है।

इस ट्रेक पर दिसंबर 2018 तक बिजली से गाडि़यां चलाने का लक्ष्य है। इसी प्रकार मदार से पालनपुर तक 366 किलोमीटर रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण किया जा रहा है। इस पर 512 करोड़ 86 लाख रुपए खर्च होंगे। इस मार्ग पर बिजली से गाड़ी चलाने का लक्ष्य जनवरी 2019 तक रखा गया है।

160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार

मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला ने बताया कि अजमेर-उदयपुर और अजमेर-पालनपुर के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार में बढ़ोतरी होगी। बिजली से ट्रेन चलाने की योजना पर अमल होने के बाद इन मार्गों पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है।

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