
पौष का महीना चल रहा है। गजब की ठंड है और इस ठंड में जब गर्मागर्म दाल के पकौड़े मिल जाते हैं, तो आनन्द ही आ जाता है। पौष महीने में बनने वाले इन बड़ो यानि पकौड़ों का स्वास्थ्य लाभ भी गजब है। इसे भोग में शामिल करने का भी यही उद्देश्य है कि ठंड में भगवान को भी गर्म तासीर वाले व्यजंन का भोग लगाया जाए। जानते हैं इनके फायदे।

साबुत मसालों के गजब फायदेसर्दी के मौसम में खड़े मसालों के गजब फायदे हैं। लौंग, सौंफ, काली मिर्च और दालचीनी न सिर्फ पकौड़ो का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि ये सर्दी-जुकाम में भी राहत देती है, यही वजह है कि इन सभी को बड़ो में डाला जाता है। साबुत धनिया में जिंक होता है इसकी मदद भी सर्दी की परेशानियों से बचाव होता है।

दालों के गुण ज्यादातर जगहों पर बड़े मूंग दाल के से बनाए जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मूंग दाल खाने से शुगर और स्टार्च को कम करने में मदद मिलती है। यह आंखों के लिए फायदेमंद है। इनमें आयरन, पोटेशियम, अमीनो एड्स और एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। दालों से इम्यून सिस्टम और पाचन तंत्र को सुधारने और मजबूत करने में भी मदद मिलती है। यदि सही मात्रा में मसाले डाले जाए तो ये बड़े पेट में नुकसान नहीं करते है। हां यह जरूरी है कि इन्हें एक निर्धारित मात्रा में ही खाया जाए, नहीं तो पेट संबंधी परेशानियां हो सकती है।

अदरक और हरी मिर्चीइन बड़ों में अदरक और हरी मिर्ची का इस्तेमाल होता है। अदरक श्वास संबंधी परेशानियों को सही करती है, अदरक भी साबुत कटी होती है, तो वो मसाले के साथ अच्छी तरह खाने में आ जाती है इससे सर्दी—जुकाम में फायदा मिलता है। हरी मिर्ची के भी अपने गुण हैं, इसमें विटामिन-ए, विटामिन-सी, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसमें कैप्साइसिन नामक कंपाउंड पाया जाता है, जो हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। इसमें हरी सब्जियां मिलाकर इसे और भी पौष्टिक बना सकते हैं।