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नशे की एक लत दे रही तीन-तीन बीमारी

हनुमानगढ़. नशे की एक लत तीन-तीन बीमारी दे रही है। नशा करने वाले और उसके परिवार को भी। क्योंकि चिट्टे व मेडिकेटेड नशे की मार झेल रहे हनुमानगढ़ में यकायक एचआईवी पॉजिटिव रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है।

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नशे की एक लत दे रही तीन-तीन बीमारी
– जिले के एआरटी सेंटर पर यकायक बढ़ी एचआईवी पॉजिटिव रोगियों की संख्या
– तीन साल में रोगियों की संख्या में इस साल सर्वाधिक बढ़ोतरी
– चिट्टा एवं मेडिकेटेड नशा करने के लिए नीडल शेयर से बढ़ रहे रोगी
हनुमानगढ़. नशे की एक लत तीन-तीन बीमारी दे रही है। नशा करने वाले और उसके परिवार को भी। क्योंकि चिट्टे व मेडिकेटेड नशे की मार झेल रहे हनुमानगढ़ में यकायक एचआईवी पॉजिटिव रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। इन रोगियों में अधिकांश हेपेटाइटिस बी और सी से भी ग्रस्त हैं। जिले में केवल छह माह में ही इतने एचआईवी पॉजिटिव रोगी मिले हैं जितने कभी साल भर में भी सामने नहीं आते थे। जिला चिकित्सालय स्थित एआरटी सेंटर पर इस साल अप्रेल से अब तक 137 एचआईवी पॉजिटिव रोगी पंजीकृत हो चुके हैं जिनकी दवा शुरू की गई है।
एचआईवी संक्रमितों की संख्या बढऩे का प्रमुख कारण है चिट्टा व मेडिकेटेड नशा। इन नशों के आदी लोग एक ही सीरींज का बार-बार इस्तेमाल कर सामूहिक रूप से नशा करते हैं। इससे संक्रमण का प्रसार हो रहा है। चिंतनीय यह भी है कि एचआईवी संक्रमण के साथ हैपेटाइटिस बी और सी के रोगी भी इसी वजह से बढ़ रहे हैं। कानून और सामाजिक व्यवस्था के साथ-साथ नशे की बढ़ती समस्या जन स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है।
ऐसे बढ़े एचआईवी संक्रमित
जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर पर वर्ष 2019-20 में 152 एचआईवी संक्रमित पंजीकृत हुए थे। इसके बाद वर्ष 2020-21 में 89 पंजीकृत रोगियों की दवा शुरू की गई। इसके बाद लगातार संक्रमित बढ़ रहे हैं। वर्ष 2021-22 में 136 संक्रमित सामने आए। इस साल अप्रेल से अब तक महज छह माह की अवधि में ही 137 एचआईवी संक्रमित मिल चुके हैं।
एक ही रोगी में तीन
चिकित्सकों की मानें तो एचआईवी संक्रमितों में हैपेटाइटिस बी और सी का संक्रमण भी मिल रहा है। अधिकांश रोगियों में यह तीनों या दो संक्रमण मिल रहे हैं। रोगी निरंतर संक्रमण का प्रसार भी करते हैं।
फैलता नशा: एक नजर
जिले में पिछले साढ़े चार साल में बीस लाख नशीले कैप्सूल, टेबलेट वगैरह पकड़े गए हैं। बीते दो साल में छह किलोग्राम से ज्यादा चिट्टा पुलिस जब्त कर चुकी है। सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में नशे की खपत, मांग व आपूर्ति की क्या स्थिति है।
नीडल शेयर से संक्रमण
नशे का एक और चिंतनीय पहलू एचआईवी संक्रमितों की बढ़ती संख्या है। चिट्टे व मेडिकेटेड नशे के रोगी एक ही नीडल को शेयर करते हैं। इससे संक्रमण का प्रसार होता है। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है अन्यथा सीमांत जिलों में स्थिति विस्फोटक रूप ले सकती है। – डॉ. बृजेश गौड़, नोडल प्रभारी, एआरटी सेंटर, जिला अस्पताल।