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राजस्थान को अब मिलने वाला है यमुना का पानी, भजनलाल सरकार ने कर ली है ये तैयारी

यमुना का पानी राजस्थान में लाने के लिए राज्य सरकार अब फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। जल संसाधन विभाग की एक टीम जल्द ही ताजेवाला हैड जाएगी और सर्वे कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी।

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भवनेश गुप्ता
यमुना का पानी राजस्थान में लाने के लिए राज्य सरकार अब फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। इसके लिए हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज (ताजेवाला हैड) पर खुद का पंप हाउस (इन्टेक) बनाएंगे, ताकि पानी वितरण को लेकर हरियाणा पर किसी तरह की निर्भरता नहीं रहे और सीधे चूरू, झुंझुनूं और सीकर में पानी पहुंच सके।

जल संसाधन विभाग की एक टीम जल्द ही ताजेवाला हैड जाएगी और सर्वे कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। दरअसल, यमुना जल पर सहमति के बाद हरियाणा के तत्कालीन मुयमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विधानसभा में दिए गए बयान को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। इसके मद्देनजर राजस्थान सरकार हर वो कदम उठा रही है, जिससे प्रदेश के लिए निर्धारित पानी मिलने में किसी तरह का अड़ंगा नहीं लगे।

प्रोजेक्ट : 20 हजार करोड़ रुपए लागत, 263 किमी लंबीपाइप लाइन बिछाई जाएगी

  • प्रोजेक्ट की प्रारंभिक लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। डीपीआर बनने के बाद वास्तविक लागत का पता चलेगा
  • प्रोजेक्ट के परा होने में दो से ढाई साल का समय लगेगा
  • राजस्थान के चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिले को हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज (ताजेवाला हैड) से 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा।
  • ताजेवाला हैड पर बनने वाले पप हाउस से चूरू के हासियावास गांव तक सीधे 263 किलोमीटर पाइप लाइन बिछेगी। इसके लिए 342 हेक्टेयर जमीन पूरी तरह अवाप्त करनी होगी और 631 हेक्टेयर जमीन में से आंशिक अवाप्ति की जाएगी।

इस बयान के बाद गरमाई थी सियासत
डीपीआर बनाने पर समझौते के महज दस दिन बाद खट्टर ने हरियाणा विधानसभा में कहा था कि पहले हरियाणा की पानी की जरूरत 18,000 क्यूसेक थी, जो मौजूदा वक्त में बढ़ कर 24,000 क्यूसेक हो गई है। इस जरूरत को पूरा करने के बाद यदि बरसात के 15 से 20 दिन में हरियाणा में अतिरिक्त पानी आता है तो ही राजस्थान को अतिरिक्त पानी दिया जाएगा।

हरियाणा और राजस्थान के बीच जो जल समझौता है, उसके अनुसार प्रदेश को पानी मिले इसलिए हर संभव काम किया जा रहा है। ताजेवाला हैड पर प्रस्तावित पंप हाउस भी उसी का हिस्सा है। एक टीम को वहां भेज रहे हैं।
भुवन भास्कर, मुय अभियंता, जल संसाधन विभाग