
पहाड़ काटकर बनी जामवंत गुफा को देखने पहुंचते हैं सैकड़ों लोग, नत्था टॉप का सीन है अद्भुत
ग्वालियर.
कश्मीर को भारत का स्वर्ग कहा जाता है। यह वाकई में सच भी है। समय की कमी के कारण हम श्रीनगर तो नहीं जा सके, लेकिन जम्मू, कटरा और पटनी टॉप घूमकर ही इस स्वर्ग को करीब से देखा। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों से बातें करते बादल, चारों ओर हरियाली, जंगल और उस पर मौसम का अचानक बदलाव। वाकई में दिल को छू गया। जम्मू में जामंवत गुफा और नत्था टॉप दिल में बस गए। मेरे साथ वाइफ शिवानी सक्सेना, बेटा शौर्य, बेटी वान्या और मदर इन लॉ ऊषा किरन थीं। हम लोगों के पांच दिन कब निकल गए पता ही नहीं चला।
एक दिन में घूमे पांच पॉइंट, गुफा में बिताया ज्यादा समय
ग्वालियर से फ्लाइट लेकर हम सीधा जम्मू पहुंचे। पहले दिन हमने टैक्सी की, जो अमर पैलेस, जामवंत गुफा, वाटर फाउंटेन, एक्वेरियम, बाहू फोर्ट घूमा। सबसे खास हमें जामवंत गुफा लगी, जो पहाड़ काटकर बनाई गई थी। वाकई बहुत अद्भुत दृश्य था। पहाड़ के काफी अंदर जाकर हमें मंदिर मिला। पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां जामवंत ने भैरव बाबा की पूजा की थी। यहां हमने काफी समय बिताया।
वैष्णो माता चढ़ाई का अलग रहा एक्सपीरियंस
दूसरे दिन हम कटरा पहुंचे। बाजार घूमा और खरीदारी भी की। अगली सुबह हमने वैष्णो माता की चढ़ाई शुरू की। सफर बहुत लम्बा था, जिसे हमने पैदल ही तय किया। पहले तो हमारी हिम्मत डोल रही थी, लेकिन माता ने ऐसी शक्ति दी कि सभी पहुंच गए। माता के दरबार पहुंचने के बीच का नजारा बहुत ही आकर्षक था। हम रुकते-रुकते और प्रकृति का नजारा लेते दरबार तक पहुंचे। बहुत अच्छा एक्सपीरियंस रहा।
घुमावदार पहाड़ी रास्ते से होते हुए पहुंचे नत्था टॉप
चौथे दिन हमने पटनी टॉप का प्लान किया। वहां नाग देवता मंदिर और पार्क घूमा। इसके बाद नत्था टॉप की ओर रुख किया। घुमावदार रास्ते और प्रकृति का लुत्फ उठाते हुए हम नत्था टॉप पहुंचे। यहां हवाएं बहुत तेज थीं। यहां का दृश्य देख ऐसा लगा जैसे हम कोई सीनरी देख रहे हों। वाकई बहुत अद्भुत नजारा था। वहीं चारों तरफ पहाड़ों से घिरी लेक का भी दीदार किया।
डॉ राजीव राय सक्सेना, ग्वालियर
Published on:
12 Jun 2022 11:42 am

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