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एनएमएमएस ऐप के खिलाफ सरपंच संघ ने कलेक्ट्रेट में की नारेबाजी

चेतावनी: अगर मांगों का निराकरण नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा

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एनएमएमएस ऐप के खिलाफ सरपंच संघ ने कलेक्ट्रेट में की नारेबाजी

एनएमएमएस ऐप के खिलाफ सरपंच संघ ने कलेक्ट्रेट में की नारेबाजी

गुना. ग्राम पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों में श्रमिकों का उपस्थिति ऐप के जरिए करने का विरोध शुरू हो गया है। जिलेभर के सरपंच एवं उपसरपंचों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर इस बारे में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में दो दर्जन से अधिक मांगों को रखा गया। सरपंचों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रशासनिक स्तर पर बैठे कुछ अधिकारियों की हठधर्मिता से गुना सहित प्रदेशभर के सरपंचों को जमीनी स्तर पर पंचायतों को चलाने में भारी परेशानियां आ रही हैं। इस दौरान मनरेगा के निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए मोबाइल ऐप एनएमएमएस के माध्यम से दिन में दो बार श्रमिकों की जारी स्टैम्प व जियोटैग करने का फरमान जारी किया गया है। जिसके फोटो दिन दो बार अपलोड किए जाने है। सरपंचों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या तथा अन्य कई तकनीकी समस्याओं के चलते यह कार्य काफी मुश्किल है। इसलिए इसे पूर्व की भांति ही योजना को संचालित कर एनएमएमएस के माध्यम से अनिवार्य उपस्थिति निरस्त की जाए। ज्ञापन में कहा गया कि मनरेगा के कार्य अकुशल श्रमिकों द्वारा किये जाते है। साथ ही बड़ी भारी मशीनरी का प्रावधान इसमें नहीं है। वहीं राशि भी कार्य के लिए बहुत ही देर से मिल पाती है, राशि देर से मिलने से कार्य अधूरा रहता है और कार्य की गुणवत्ता भी खराब हो जाती है। दो वर्षो से जिला अतिबारिश की मार झेल रहा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही जांच बहुत गलत है। ज्ञापन में पंचायतों पर की जा रही समस्त कार्रवाई वापस लेने की मांग की गई। वहीं मनरेगा निर्माण कार्य में श्रमिकों का मानदेय 204 से बढ़ाकर 400 करने तथा 100 मजदूरी दिवस को बढ़ाकर 200 दिवस करने की मांग की।

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