Gonda News: गोंडा राजकीय मेडिकल कॉलेज को 18 नई एंबुलेंस मिली है। डीएम नेहा शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर एंबुलेंस को रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक औपचारिकता नहीं बल्कि जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की एक पहल है। मेडिकल कॉलेज को बड़े पैमाने पर एंबुलेंस मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं को अब पंख लगेंगे।
Gonda News: डीएम नेहा शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के 108 एवं 102 की एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि अब स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही जिले के आम जनमानस को समय से चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
Gonda News: गोंडा जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज को 18 नई एंबुलेंस मिलने से स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं में व्यापक सुधार होगा आम जनता को इमरजेंसी में अब एंबुलेंस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज गोंडा से 108 एवं 102 सेवा की कुल 18 एंबुलेंस वाहनों को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि यह प्रशासनिक औपचारिकता नहीं थी,बल्कि यह गोंडा की आम जनता के लिए सरकार द्वारा समर्पित एक सशक्त सन्देश है।
अब इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। इन एंबुलेंसों के माध्यम से जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। 108 सेवा जहां इमरजेंसी केसों-जैसे दुर्घटनाएं, हृदयघात, प्रसव जैसी स्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए जानी जाती है। वहीं 102 सेवा विशेषकर गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा के रूप में कार्यरत है। ऐसे में दोनों सेवाओं का विस्तार गोंडा जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े जनपद के लिए वरदान सिद्ध होगा।
डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाएं तभी प्रभावशाली बन सकती हैं। जब उनका क्रियान्वयन ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि 108 और 102 जैसी सेवाएं सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद जीवन रेखा है। उन्होंने सभी एंबुलेंस चालकों और तकनीकी स्टाफ को निर्देशित किया कि वे निष्ठा और मानवता के भाव से कार्य करें। और यह सुनिश्चित करें कि मरीजों को समय पर सेवा मिले। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से यह भी कहा कि प्रत्येक एंबुलेंस का ट्रैकिंग सिस्टम सक्रिय रहेगा। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से उनकी निगरानी की जाएगी। ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।