Gonda News: गोंडा जिले के रहने वाले बनारस में तैनात एसटीएफ के दरोगा ने प्रयागराज में अपने निजी आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना गांव पर पहुंचते ही परिवार में जहां कोहराम मच गया है। वहीं पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
Gonda News: गोंडा जिले के नवाबगंज थाना के गांव बैजलपुर के रहने वाले एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर तरुण पांडे की वर्तमान समय में बनारस में तैनाती थी। उन्होंने प्रयागराज में अपने निजी आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। सब इंस्पेक्टर तरुण पांडे ने क्यों आत्महत्या किया। इसकी अभी कोई ठोस वजह निकलकर सामने नहीं आई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
Gonda News: गोंडा जिले के नवाबगंज थाना के गांव बैजलपुर में एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां के रहने वाले तरुण पांडे 52 वर्ष बतौर सब इंस्पेक्टर बनारस एसटीएफ में तैनात थे। वह अपने परिवार के साथ प्रयागराज में रहते थे। उनके आत्महत्या की खबर गांव पर पहुंचते ही परिजनों का जहां रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। यह घटना रविवार के शाम की बात बताई जा रही है।
प्रयागराज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटना की जांच में जुटी है। लेकिन आत्महत्या के कारणों का अभी तक कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।
वाराणसी यूनिट में तैनात एसटीएफ तरुण पांडे के माता-पिता गांव पर रहते हैं। यह दर्दनाक घटना सुनकर वह बदहवास हो गए। माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। तरुण पांडेय 52 वर्ष पत्नी और बेटे के साथ प्रयागराज में रहते थे। बैजलपुर में उनके पिता ओमप्रकाश पांडेय और माता रहती हैं। घर पर गांव और आसपास के लोगों की भीड़ जुटी है। एक होनहार के चले जाने से हर किसी की आंखें नम है। तरुण के एक बेटा और एक बेटी है।
तरुण पांडे ने बीते एक मार्च को उन्होंने बेटी की शादी की थी। पिता ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि तरुण एसटीएफ की वाराणसी यूनिट में तैनात थे। इसके आगे वह कुछ भी नहीं बोल पाए और फफक पड़े। तरुण के निधन से गांव में शोक की लहर है। फिलहाल गांव के कई लोग प्रयागराज रवाना हो गए हैं। आज उनका शव गांव पर लाया जाएगा। घर पर गांव के अलावा आसपास के गांव के लोग शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंच रहे हैं।