
गाजीपुर जिला जेल में चल रहे अवैध पीसीओ के संबंध में शासन ने गाजीपुर जिले के जेल अधीक्षक अरुण कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। अब उनकी जगह वीरेंद्र कुमार वर्मा को गाजीपुर जिला जेल का नया अधीक्षक बनाया गया है। गौरतलब है कि वीरेंद्र कुमार वर्मा को इसके पहले बांदा जेल में मुख्तार अंसारी को सुविधा देने के मामले में निलंबित किया जा चुका है। अब उन्हें मुख्तार अंसारी के ही गृह जनपद में नई तैनाती दी गई है।
आपको बता दें कि गाजीपुर जनपद के जेल में अपराधियों की बात पैसे ले कर करवाई जाती थी।
इसका खुलासा तब हुआ जब जेल में बंद विकास गुप्ता ने अपने मुकदमे गवाह को फोन द्वारा धमकी दी। गवाह की शिकायत पर डीआईजी जेल ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जेल अधीक्षक और जेलर का करीबी पवन सिंह कार्डलेस फोन ले कर बैरकों में घूमा करता था,और पैसे ले कर अपराधियों की बात जेल के बाहर करवाता था। विनोद गुप्ता, जो बिहार में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी का आरोपी है, ने जेल से फोन कर पीड़ितों को धमकाया और गवाही न देने के लिए पैसे की पेशकश की। इस घटना के बाद सख्त कदम उठाए गए। 16 बंदियों और कैदियों को वाराणसी, आजमगढ़ और जौनपुर की जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया।
अब इस जेल की व्यवस्था को वीरेंद्र कुमार किस तरह सुधार पाते हैं ये देखने की बात होगी।
Updated on:
19 Mar 2025 06:01 pm
Published on:
19 Mar 2025 05:58 pm
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