थाना मक्खनपुर के नगला मुखराम निवासी ज्ञान सिंह (65) पुत्र बाबूराम की रविवार को तबियत खराब हो गई। बीमारी के चलते वृद्ध की मौत हो गई। शव को रख परिवार के लोग विलाप करने लगे। उनके अन्तिम संस्कार की तैयारियां की जाने लगीं। उसकी मौत का पता चलते ही गांव के लोग व रिश्तेदार वहां पर एकत्रित होने लगे। शमशान ले जाने की तैयारी के दौरान ही अचानक वृद्ध के शरीर में परिवर्तन होने लगा। उसके हाथ में फफोले पड़ने लगे। शरीर के कुछ हिस्से पर नीले धब्बे पड़ने लगे। वृद्ध के शरीर में परिवर्तन होते देख लोग हैरत में पड़ गए। वह समझ नहीं पा रहे थे कि यह क्या हो रहा है। कुछ ही देर के बाद वृद्ध की सांसे लौट आई। वृद्ध की सांसे चलते ही लोग घबरा गए। वह लोग तरह तरह की चर्चाएं करने लगे। बाद में शरीर में सामान्य रूप से हरकतें होने लगी। सांसे चलने के बाद भी वृद्ध अचेतावस्था में रहा। उसके पुनः जिन्दा होने का पता चलते ही वहां काफी लोग एकत्रित हो गए।
वृद्ध को अगले दिन सुबह पूर्ण रूप से होश आया। धीरे धीरे वह उठकर बैठ गया। उसके उठते ही लोग विस्मय होकर उसको देखते रहे। उसने अपने परिवारीजनों व वहां एकत्रित लोगों को जो कुछ बताया उसको सुन लोग हैरत में पड़ गए। वह समझ नहीं पा रहे थे कि भगवान की यह कैसी लीला है। वृद्ध के उठ खड़े होने पर लोग पहले तो डर गए। बाद में वृद्ध ने आप बीती बताई तो लोग हैरत में पड़ गए। उसके घर पर लोगों की भीड़ लगी हुई है। लोग कह रहे हैं कि बाबा मरने के बाद स्वर्ग के द्वार तक पहुंच गए थे, लेकिन लौटा दिया गया, क्योंकि उम्र पूरी नहीं हुई है।
पुनः जीवित हुए वृद्ध ज्ञान सिंह ने लोगों को बताया कि तीन लोग उसको पकड़ कर ले गए थे। काफी दूर पहाड़ों व कई प्रकार के रास्तों से होते हुए वह लोग उसे एक सुन्दर से स्थान पर ले गए। वहां पर एक बड़ा सा सोने का गेट था। गेट पर कई पहरेदार खड़े हुए थे। उन्होंने फाटक के अन्दर नहीं जाने दिया। जो लोग उसको पकड़ कर ले गए, उनको भी चौकीदारों ने फटकार लगाई। काफी देर तक उनको घुसने नहीं दिया गया। उसी दौरान एक पहरेदार ने उसके ऊपर गरम चीज फेंकी। उसके बाद उसको धक्का मार दिया। वह सीधे नीचे आ गया।
वृद्ध ज्ञान सिंह को जीवित देख उसके परिवार में हर्ष का माहौल है। उसके बारे में पता चलते ही आसपास गांव के लोग भी उसके घर पर पहुंच गए। वृद्ध से पूरी कहानी सुनकर अचम्भित हो रहे है। वृद्ध को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही है। वृद्ध की अचानक तबियत खराब हो गई थी कुछ ही पलो में उसकी मौत हो गई थी। परिवारीजन उसकी अन्तिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे तभी उनकी सांसे लौट आई। उनके शरीर में काफी परिवर्तन हो गया। हाथों में छाले पड़ गए। कई स्थानों पर नीले निशान बन गए थे।