मुंबई।
भारतीय
अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। वहीं ग्रामीण मांग में तेजी आने से
आर्थिक वृदि्ध में और बेहतरी आएगी। यह कहना है
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के
गवर्नर रघुराम राजन का। 11 कंपनियों के पेमेंट बैंक की मंजूरी देने के बाद आरबीआई
के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि स्मॉल बैंक फाइनैंस के लिए लाइसेंस की घोषणा अगले
महीने की जाएगी।
उन्होंने इस चिंता को खारिज कर दिया कि नई कंपनियां जिनको पेमेंट
बैंक का लाइसेंस दिया गया है, मौजूदा बैंकों के लिए किसी तरह का खतरा पैदा करेंगी।
आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि नए पेमेंट बैंक मौजूदा बैंकों को किसी तरह
का प्रतियोगी खतरा पैदा नहीं करेंगे और ये नए बैंक यूनिवर्सल बैंकों के लिए फीडर का
काम करेंगे। वहीं राजन ने चीन की मुद्रा यूआन के अवमूल्यन के जोखिमों के
प्रति आगाह करते हुए कहा कि चीनी मुद्रा का लुढ़कना चिंताजनक नहीं था, लेकिन दुनिया
के अन्य देशों के बीच "जैसे को तैसा" जैसी कार्रवाई शुरू होना वैश्विक अर्थव्यवस्था
के लिए खतरनाक हो सकता है।
राजन ने कहा कि चीन के केंद्रीय बैंक "पीपुल्स
बैंक ऑफ चाइना" की हाल की कार्रवाई से दीर्घावधि में अवमूल्यन को जारी रखने का
संकेत नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि अगर चीन यूआन को आगे भी वर्तमान स्तर पर रखता
है तो वह चिंताजनक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर चीन लंबे समय तक यूआन के
अवमूल्यन के जरिये प्रतिस्पर्द्धा का लाभ लेने की कोशिश करता है और दुनिया के अन्य
देशों में भी मुद्रा अवमूल्यन की होड़ शुरू हो जाये तो यह चिंता का विषय होगा।
उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना पिछले कुछ सालों में हुए मुद्रा अवमूल्यन पर
गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कमजोर मांग के कारण कुछ देश अपनी मुद्रा के
अवमूल्यन का प्रयास करते रहे हैं।