चयापचय रोग (Metabolic diseases ), यानी मेटाबॉलिक बीमारियां, ऐसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जो भोजन को ऊर्जा में बदलने की शरीर की क्षमता को प्रभावित करती हैं। ये रोग शरीर में होने वाली जटिल रासायनिक प्रक्रियाओं को बिगाड़ देती हैं, जिससे विकास, मरम्मत और प्रजनन जैसी जरूरी क्रियाएं बाधित होती हैं।
चयापचय रोग (Metabolic diseases ) कई गंभीर बीमारियों का समूह हैं जो शरीर में खाने को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को बिगाड़ देते हैं। ये रोग हमारे शरीर के रासायनिक संतुलन को बिगाड़ते हैं, जिससे कई समस्याएं हो सकती हैं।
मधुमेह: यह सबसे आम चयापचय रोग है, खासकर टाइप 2 मधुमेह, जिसमें शरीर या तो इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता।
मोटापा: शरीर में बहुत ज्यादा चर्बी जमा होना।
गौचर रोग: एक आनुवंशिक रोग जिसमें शरीर में फैट जमा हो जाता है।
फेनिलकेटोनुरिया (PKU): एक आनुवंशिक रोग जिसमें शरीर एक खास अमीनो एसिड को तोड़ नहीं पाता।
हीमोक्रोमैटोसिस: शरीर में आयरन बहुत ज्यादा जमा हो जाना।
- थकान
- वजन का तेजी से बढ़ना या घटना
- जी मिचलाना
- उच्च रक्तचाप
भारत में चयापचय रोग (Metabolic diseases ) तेजी से बढ़ रहे हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं पर बहुत बोझ डालते हैं। शहरी इलाकों में लगभग 25% लोगों को "मेटाबॉलिक सिंड्रोम" है, जिसमें कई रोग शामिल होते हैं, जैसे पेट का मोटापा, उच्च रक्तचाप, शुगर का बढ़ना, ट्राइग्लिसराइड का बढ़ना और अच्छा कोलेस्ट्रॉल का कम होना। इससे हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।
स्वस्थ आहार Healthy diet: कम वसा, कम चीनी, ज्यादा फल और सब्जियां वाला आहार लें।
नियमित व्यायाम Regular exercise: रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें: मोटापे से बचें।
नियमित जांच Regular checkups: डॉक्टर से नियमित जांच करवाएं, खासकर अगर आपके परिवार में कोई चयापचय रोग है।
पर्याप्त नींद लें Get enough sleep: रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूरी है।
शराब और धूम्रपान से बचें Avoid alcohol and smoking:: ये आदतें चयापचय रोगों (Metabolic diseases ) का खतरा बढ़ाती हैं।
याद रखें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप चयापचय रोगों से बच सकते हैं और लंबी, स्वस्थ ज़िंदगी जी सकते हैं!