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प्रदेश के इस जिले के बैगाओं की पहचान थी बैगानी अरहर

विलुप्त हो रही बैगानी अरहर को बचाने बढ़ाया रकवा, बांट रहे बीज

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The identity of the Baigas of this district of the state was Baigani Arhar

The identity of the Baigas of this district of the state was Baigani Arhar

डिंडोरी. विलुप्त हो रही जिले की बैगानी अरहर को बचाने पहल की जा रही है। जिले के बैगा बाहुल्य क्षेत्रो में कृषि विभाग विशेष अभियान चला रहा है। जिसमे जिलेभर में बैगानी अरहर को प्रमोट करने के लिए बीज का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ-साथ रकवा, उत्पादन भी बढाने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। बैगाओं को बैगानी अरहर की प्रोसेसिंग यूनिट, बेचने, खरीदने और इसका उत्पादन बढाने के गुर सिखाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत बैगानी अरहर के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए जिले में कलेक्टेर के मार्गदर्शन में विशेष प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। जिससे कि बैगानी अरहर की खेती को प्रोत्साहित कर ज्यादा से ज्यादा खेती को बढ़ावा मिल सके।
78 हेक्टेयर का बढ़ेगा रकवा
बैगानी अरहर का रकवा अभी 402.40 हेक्टेयर है, जिसे वर्ष 2022-23 के लिए बढाकर 480 हेक्टर किया गया है। वहीं उत्पादन भी 2000 क्विंटल से बढाकर 2500 क्विंटल किया गया है।
जिले में दो प्रोसेसिंग यूनिट, देंगे ट्रेनिंग
बैगानी अरहर के लिए जिले में 2 प्रोसेसिंग यूनिट तेजस्वी विकास वाहनी गाडासरई जिसकी वार्षिक क्षमता 276.40 क्विंटल और रानी लक्ष्मी बाई आजीविका समूह रामगढ है जिसकी क्षमता 230.40 है। वहीं विक्रय के लिए पोर्टल भी पंजीकृत है, जिसमे बैगानी अरहर को शामिल किया गया है। जिसमे पैकेजिंग, मार्केटिंग की जाएगी व प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा विभाग से बैगानी अरहर के जीएल टैगिंग के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
बैगा बाहुल्य इलाकों में पहुंची टीम
कृषि अधिकारी बैगाओं के पास पहुंचकर उन्हें बीज उपलब्ध करा रहे हैं और बैगानी अरहर के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रहे है। मंगलवार को कृषि अधिकारी डॉ. अश्विनी झारिया बजाग के बैगा बहुल क्षेत्र पिपरिया की ग्राम पंचायत जलदा, बोना एवं खपरी पानी पहुंचे। जहां बैगानी अरहर के बीज का वितरण बैगा किसानों को प्रदर्शन के रूप में किया गया। बीज वितरण कार्यक्रम में, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बजाग आरएस चंदेल, एटीएम अशोक कोरी एवं अन्य स्टाफ मौजूद थे। बैगानी अरहर से आदिवासी बाहुल्य जिले के बैगाओं की पहचान थी। इस पहचान को बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने पहल की है। जिनके निर्देश पर ही कृषि विभाग ने विशेष प्रोजेक्ट तैयार कर इसपर काम करना प्रारंभ किया है।
इनका कहना है
विलुप्त हो रही फसल बैगानी अरहर को संरक्षित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत किसानों को बैगानी अरहर के बीज की 5 किलो की पैकिंग बनाकर बजाज, समनापुर, अमरपुर एवं अन्य विकास खंडों में वितरित किया जा रहा है।
डॉ अश्वनी झारिया, उप संचालक कृषि डिंडोरी।

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