
सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
धार. जिले के कारम डेम के लीकेज से आसपास के गांव के लोग पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं. बांध के पानी से उनके खेत-मकान डूब गए, खाद्यान्न और घरेलू सामान खराब हो गए. राज्य सरकार ने प्रभावितों को मुआवजा देने का ऐलान तो किया पर अभी तक कई लोगों को तो फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है. डेम प्रभावितों में से अधिकांश आदिवासी हैं जिन्हें अब मजबूरन खतरनाक जानवरों से भरे जंगल में रहना पड़ रहा है. ऐसे में डेम से प्रभावित लोगों में सरकार और उसके नुमाइंदों के प्रति नाराजगी बढ़ रही है. ऐसे अनेक डेम प्रभावित सोमवार को जिला मुख्यालय आए और राज्य सरकार व जिला प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया. डेम प्रभावित आदिवासियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की.
इलाके के विधायक विधायक पांची लाल मेडा भी प्रभावित लोगों के साथ जिला मुख्यालय आए. विधायक का कहना है कि कारम डेम से प्रभावित आदिवासी बहुत परेशान हो चुके हैं इसलिए धार आकर जिला मुख्यालय से गुहार लगा रहे हैं. विधायक पांची लाल मेडा ने बताया कारम डेम टूटने के बाद निकले पानी से आसपास के गांवों में बहुत नुकसान हुआ है. राज्य सरकार ने प्रभावितों के लिए मुआवजा देने की बात कही थी पर ज्यादातर लोगों को उचित राशि नहीं मिली. इसके साथ ही सर्वे भी सही नहीं हुआ जिससे कई लोग उचित मुआवजा से वंचित रह गए हैं.
कारम डेम प्रभावित लोगों का कहना है कि उनके खेत-मकान सब नष्ट हो चुके हैं. उन्हें जंगल में टापरी बना कर रहना पड़ रहा है जहां खतरनाक तेंदुए भी रहते हैं. इसके अलावा वहां अन्य जंगली जानवरों का भी खतरा है. कारम डेम प्रभावित जिला मुख्यालय में रैली निकाल रहे हैं. प्रभावितों की रेली कलेक्ट्रेट चौराहे से शुरु हो चुकी है. सभी डेम प्रभावित कलेक्टर को आवेदन देने जा रहे हैं. इस दौरान रैली में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई.
Published on:
29 Aug 2022 02:54 pm

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