दलित वर्ग कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक माना जाता रहा है, लेकिन कुछ पर बसपा ने सेंधमारी की तो लोकसभा चुनाव के परिणाम ने सबको चौंका दिया। बड़े पैमाने पर दलित वोट बैंक का झुकाव भाजपा की तरफ गया। इसे देखते हुए कांग्रेस ने अपने वोट बैंक को वापस लाने के लिए आम्बेडकर का सहारा लेना ही मुनासिब समझा। 125वीं जयंती को धूमधाम से वर्षभर मनाने की योजना बनाई गई, जिसकी शुरुआत महू से होगी और समापन उनके समाधि स्थल यानी नागपुर में होगा।