कोलवा के मेला मैदान में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले के तीसरे दिन कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की गई।
गुढ़लिया. कोलवा के मेला मैदान में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले के तीसरे दिन ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। मेले में लगी दुकानों पर खरीदारी की। इस दौरान वॉलीबाल, घुड़दौड़ व कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की गई। वॉलीबाल में प्रथम विजेता पीचूपाड़ा व द्वितीय विजेता कोलवा थाना टीम रही। घुड़दौड़ में जगदीश गुर्जर अरनिया व घोड़ी नृत्य मे मीठालाल विजयपुरा विजेता रहे।
कुश्ती आकर्षण का केन्द्र रही। इसमें भरतपुर क्षेत्र के पहलवानों ने दावपेच आजमाए। इस दौरान भीड़ कोलवा रेलवे स्टेशन के भवन पर चढ़ गई। दर्शकों ने कुश्ती स्थल के पास स्थित पेड़ों पर बैठकर मुकाबले का आनंद लिया। पुलिस को दर्शकों को व्यवस्थित करने में मशक्कत करनी पड़ी।
कुश्ती 50 रुपए में पुनीत निमाली व भीखाराम, 100 रुपए में कुम्हेर बास गुढ़लिया, 151 रुपए में रिंकू व जितेन्द्र बराबर रहे। 200 रुपए में अशोक निमाली तथा पुखराज व बहादुर बराबर रहे। 250 रुपए में मुरारी रायका, 300 रुपए में करोड़ी करनावर, 350 रुपए में जगदीश व हरभजन बराबर रहे। 400 रुपए में जगराम भरतपुर, 500 रुपए में बने सिंह रायका व योगेश अलवर, 551 रुपए में रमेश रायका व 1100 रुपए के मुकाबले में नरेश नोठा व रामकिशोर अलवर बराबर रहे। 1100 रुपए के ही अन्य मुकाबले में सुरेश बानसूर विजेता रहे।
बाद में मेला समिति की ओर से विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। इस दौरान प्रधान सीमा मीना, कोलवा सरपंच सरिता देवी, मेला समिति अध्यक्ष प्रभुदयाल मीना, मेला प्रभारी मानजी मीना, देलाड़ी सरपंच दिनेश मीना, पूर्व सरपंच किशन सिंह, शेषअवतार शर्मा, राजेन्द्रसिंह कोलवा आदि मौजूद थे। कोलवा थानाधिकरी श्रीराम मीना के नेतृत्व में पुलिस पूरे दिन व्यवस्था बनाने में जुटी रही।
नोटबंदी व सर्जिकल स्ट्राइक भी छाई
पद दंगल कार्यक्रम में गुढ़लिया व पचवारा की टीमों ने पदों के माध्यम से वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर प्रहार किए। गायकों की तुकबंदी ग्रामीणों को खूब रास आई। राजनीतिक अवसरवादिता पर पद सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। पदों मे नोटबंदी व सर्जिकल स्ट्राइक भी छाई रही।
पददंगल में गुढ़लिया की बंशी एण्ड पार्टी ने बाजी मारी। मेले मेें क्षेत्र के कोलवा, गुढ़लिया, अरनिया, निमाली, विजयपुरा, भोजवाड़ा, धनावड़, देलाड़ी, द्वारापुरा, कुण्डल, भांवता, गादरवाड़ा गूजरान, कालोता सहित दो दर्जन गावों के लोग मेला देखने पहुंचे। शिवराम मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।