police vehicles without insurance: मध्य प्रदेश के दमोह में पुलिस खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ाती नजर आ रही है। जिले की सड़कों पर 150 से ज्यादा सरकारी गाड़ियां दौड़ रही हैं, जिनका बीमा नहीं है।
police vehicles without insurance: आम जनता को हर समय यातायात नियमों और बीमा जैसे कानूनों का पालन करने की नसीहत देने वाला पुलिस विभाग खुद ही इन नियमों का पालन नहीं कर रहा है। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पुलिस विभाग के 150 से अधिक सरकारी वाहन ऐसे हैं, जिनका बीमा ही नहीं कराया गया है। यह स्थिति किसी भी दुर्घटना की स्थिति में न सिर्फ परेशानी का सबब बन सकती है, बल्कि विभाग की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करती है।
जानकारी के अनुसार जिले में विभिन्न थानों, चौकियों और अन्य विभागीय इकाइयों के पास बड़ी संख्या में वाहन हैं, जिनका उपयोग रोजाना गश्त, अपराधियों की धरपकड़ और आपातकालीन परिस्थितियों में किया जाता है। लेकिन इनमें से अधिकतर वाहनों का बीमा नहीं है।
बीमा न होने की स्थिति में यदि कोई वाहन दुर्घटना का शिकार हो जाए या उससे किसी नागरिक को नुकसान पहुंचे, तो मरम्मत या मुआवजे की व्यवस्था नहीं हो पाती। निजी एंबुलेंस चालकों द्वारा मनमाने तरीके से एंबुलेंस का संचालन की शिकायतों के बाद अब परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को परिवहन अधिकारी ने 4 एंबुलेंस वाहनों को जब्त किया है। जिनकी फिटनेस और टैक्स बकाया बताया गया है। खास बात यह है कि ये वाहन जबलपुर, भोपाल के रजिस्टर बताए गए हैं।
परिवहन अधिकारी क्षितिज सोनी ने बताया कि एंबुलेंस को लेकर शिकायतें आ रही थी। जिस पर शनिवार जिला अस्पताल और आसपास खड़ी एंबुलेंस के रेकॉर्ड चेक किए गए। इस दौरान चार एंबुलेंस ऐसे जब्त किए गए, जिनकी फिटनेस नहीं थी। साथ ही इन पर करीब 1 लाख रुपए का टैक्स भी बकाया था। बिना फिटनेस के दौड़ रहे एंबुलेंस वाह्न से मरीज और उनके परिजनों को जान-माल का खतरा भी हो सकता था, क्योंकि बिना फिटनेस के इनका बीमा भी काम नहीं करता है। चारों एंबुलेंस को जब्त कर रखा गया है, इनमें दे एंबुलेंस जबलपुर और एक भोपाल परिवहन कार्यालय से रजिस्टर है, जबकि एक दमोह से ही है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।