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शहरी जनता पर टैक्स की मार क्योंकि सदन से वॉक आउट कर गए भाजपा पार्षद

नगर निगम के बजट सम्मेलन में पक्ष विपक्ष के बीच गोशाला की बदहाली, ट्रांसपोर्ट नगर और इमलीखेड़ा आवास प्रोजेक्ट पर तीखी बहस और हंगामा

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Nagar Nigam

अलग-अलग मुद्दों पर विरोध जताते हुए नेता प्रतिपक्ष।

नगर निगम में शुक्रवार को हुए बजट सम्मेलन में पक्ष-विपक्ष के पार्षदों के बीच गोशाला की बदहाली, ट्रांसपोर्ट नगर में समतलीकरण और इमलीखेड़ा आवास प्रोजेक्ट पर तीखी बहस हुई और लगातार हंगामा होता रहा। इसके बाद टैक्स वृद्धि के मुद्दे पर विपक्ष घेराबंदी के मूड में था, इससे पहले ही सत्ता पक्ष भाजपा के पार्षदों ने इस पर बिना चर्चा के ही एक लाइन में इसके साथ नौ प्रस्तावों को पास कर दिया और वॉक आउट कर गए। इसके बाद निगम अध्यक्ष और कांग्रेस पार्षद बैठे रहे। बाद में अध्यक्ष ने सदन को स्थगित करने की घोषणा की। अधिकारी भी इस ऊहापोह की स्थिति में नगरपालिक निगम एक्ट में नियम तलाशते रहे।

नगर निगम में दोपहर 12.30 बजे बजट सम्मेलन की शुरुआत निगम अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने की। इस मौके पर महापौर विक्रम अहके, निगम आयुक्त सीपी राय समेत अन्य सभापति और पार्षद मौजूद रहे। इस सम्मेलन में सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष हंसा दाढ़े और कांग्रेस पार्षदों ने गोशाला का मुद्दा उठाया। इस पर दोनों पक्षों के पार्षदों के बीच आधा घंटा बहस होती रही।

निगम अध्यक्ष मागो समेत कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि गोशाला की बदहाली और अनियमितता पर निगम अधिकारी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। इससे गायें लगातार मर रही हैं। इस पर आयुक्त सीपी राय ने पार्षदों की संयुक्त जांच कमेटी गठित करने का सुझाव दिया। जबकि कांग्रेस पार्षद गोशाला के कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, मौजूदा कर्मचारियों को हटाने पर अड़े रहे। इस पर वरिष्ठ पार्षद विजय पाण्डे, प्रमोद शर्मा समेत अन्य ने हस्तक्षेप किया। आखिर में तय हुआ कि जांच कमेटी की रिपोर्ट पर कर्मचारियों पर जिम्मेदारी तय होगी।

इमलीखेड़ा आवास प्रोजेक्ट पर भी तीखी बहस

इमलीखेड़ा आवास प्रोजेक्ट पर पक्ष-विपक्ष के पार्षदों के बीच भी तीखी बहस हुई। स्थानीय पार्षद ने यह मुद्दा उठाते हुए आवास हितग्राहियों को न देने और निगम के अतिरिक्त राशि वसूलने पर सदन का ध्यान दिलाया। कांग्रेस-भाजपा पार्षदों ने अलग-अलग तर्क दिए। इसका जवाब कार्यपालन यंत्री ईश्वर सिंह चंदेली और निगम आयुक्त सीपी राय ने दिया। अधिकारियों ने कहा कि खजरी और इमलीखेड़ा प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं, अब परतला प्रोजेक्ट पर ध्यान दिया जाएगा।

ट्रांसपोर्ट नगर में बिना टेंडर कैसे हुआ समतलीकरण

ट्रांसपोर्ट नगर पर निगम अधिकारी जब जानकारी दे रहे थे, तब अचानक ही यहां 2.70 करोड़ रुपए की लागत से समतलीकरण कार्य होने का मुद्दा सामने आया। तब निगम अध्यक्ष सोनू मागो समेत कांग्रेस पार्षदों ने इसे लपक लिया। लगातार अधिकारियों से प्रश्न किया कि बिना टेंडर किए 2.70 करोड़ रुपए का समतलीकरण कार्य कैसे प्रारंभ हो गया? इसका जवाब कमिश्नर और ईई देते रहे, लेकिन वे संतुष्ट होते नजर नहीं आए। जबकि भाजपा पार्षदों का कहना पड़ा कि इस समतलीकरण के मुद्दे को छोड़ दिया जाए तो ट्रांसपोर्ट नगर शहर की महत्वपूर्ण सौगात है। इसे बनने देना चाहिए। इस पर आखिर तक सहमति नहीं बनी। इसके लिए अलग से 24 अप्रेल को प्रस्तावित निगम की बैठक में इस पर चर्चा की सहमति बनी।

टैक्स वृद्धि के प्रस्ताव पर चर्चा नहीं कर पाए भाजपा पार्षद, प्रस्ताव पास

नगर निगम की मेयर इन काउंसिल ने बीती 25 मार्च को सम्पत्ति करों की दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि, जल टैक्स में आवासीय में 175 रुपए प्रतिमाह के स्थान पर 260 रुपए, व्यावसायिक कनेक्शन में 600 रुपए के स्थान पर 780 रुपए, उपभोक्ता प्रभार में आवासीय 10 रुपए तथा व्यावसायिक 50 रुपए के स्थान पर अब गुमठी झोपड़पट्टी में 50 रुपए, आवासीय 100 रुपए, व्यावसायिक प्रतिष्ठान 150 रुपए तथा औद्योगिक प्रयोजन के लिए 250 रुपए रखने का प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव पर विपक्ष के विरोध को देखते हुए सम्मेलन में टैक्स पर चर्चा का सभी को इंतजार था। पूरा शहर भी संशोधन के बारे में प्रतीक्षारत था, लेकिन भाजपा पार्षद दिवाकर सदारंग के नेतृत्व में पार्षदों के वॉक आउट करने से इस पर चर्चा नहीं हो सकी। भाजपा पार्षदों ने एक साथ बहुमत के आधार पर सभी नौ प्रस्ताव पारित कर दिए।