
Waqf Amendment Bill: छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता और कदाचरण के मामले को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने एक आउटसोर्स सुरक्षा गार्ड मोहम्मद शमशाद को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। शमशाद पर आरोप है कि उन्होंने वक्फ बिल के विरोध में सार्वजनिक रूप से शासन और न्यायपालिका के खिलाफ बयानबाजी की है, जो कि एक शासकीय संस्था के अनुबंधित कर्मचारी के आचरण के विरुद्ध माना गया है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि शमशाद ने एक शासकीय विश्वविद्यालय से वेतन प्राप्त करते हुए, सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान दिए हैं, जो भारत की एकता और अखंडता को प्रभावित करने की क्षम क्षमा रखते हैं। इस कृत्य को जनभावनाओं को भडक्राने का प्रयास और सेवा अनुशासन के उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि एक शासकीय संस्था के कर्मचारी होत नाते, शमशाद का यह व्यवहार अनुशासनहीनता और कदाचरण की परिभाषा में आता है।
ऐसे में उनसे नोटिस में शमशाद से कहा गया है कि वे आगामी दो दिनों के भीतर कुलसचिव कार्यालय में अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। ऐसा न करने की स्थिति में उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसमें सेवा से पृथक करने तक की सिफारिश शामिल हो सकती है। यह पत्र कुलसचिव के आदेशानुसार जारी किया गया है, जिसकी प्रति कुलपति को भी निज सचिव के माध्यम से भेजी गई है। सहायक कुलसचिव (प्रशासन) ने इसे विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में भी दर्ज किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रकार
Published on:
07 Apr 2025 02:57 pm

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