छतरपुर

जिला मुख्यालय की आंगनबाड़ी में टांग दिए पंखे, बिजली का कनेक्शन नहीं होने गर्मी से बेहाल बच्चे और कार्यकर्ता

बिना बिजली के पंखे नहीं चल पाने से नन्हें बच्चों को केंद्र में ठहरना मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि अब बच्चे आंगनबाड़ी आने से कतराने लगे हैं। स्थिति यह हो गई है कि कई अभिभावकों ने भी बच्चों को केंद्र भेजना बंद कर दिया है।

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Apr 15, 2025
बिजली विहीन आंगनबाड़ी केंद्र का दृश्य

शहर के हृदयस्थल वार्ड नंबर-16 में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-29 में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी सामने आई है। आश्चर्य की बात यह है कि जिला मुख्यालय पर स्थित इस केंद्र में आज तक बिजली का कनेक्शन ही नहीं हो पाया है। जिससे यहां कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बच्चों को भीषण गर्मी में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।

बच्चे आंगनबाड़ी आने से कतराने लगे

गर्मी के इस मौसम में बिना बिजली के पंखे नहीं चल पाने से नन्हें बच्चों को केंद्र में ठहरना मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि अब बच्चे आंगनबाड़ी आने से कतराने लगे हैं। स्थिति यह हो गई है कि कई अभिभावकों ने भी बच्चों को केंद्र भेजना बंद कर दिया है। आंगनबाड़ी केंद्र में हर मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, लेकिन बिजली न होने की वजह से यह सेवा भी प्रभावित हो रही है। केन्द्र में पदस्थ एएनएम माधुरी पटेल ने बताया कि वे सप्ताह में दो बार टीकाकरण के लिए आती हैं, लेकिन गर्मी और अव्यवस्थाओं के चलते महिलाएं बच्चों को वैक्सीन दिलाने नहीं पहुंचतीं। कई बार वैक्सीन लाने के बावजूद उसे वापस लौटाना पड़ता है।

बिजली का कनेक्शन नहीं

माधुरी पटेल ने यह भी बताया कि न केवल बिजली का कनेक्शन नहीं है, जिससे गर्भवती महिलाएं और नवजात बच्चों के साथ आने वाली माताएं बुरी तरह से परेशान होती हैं। इसके अलावा स्टाफ को भी काम करने में परेशानी हो रही है। केंद्र पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द केंद्र में बिजली कनेक्शन प्रदान किया जाए और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्य निर्बाध रूप से चल सकें।

वहीं स्थानीय लोगों ने भी सवाल उठाए हैं कि जब जिला मुख्यालय पर स्थित एक केंद्र की यह स्थिति है तो दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति कैसी होगी, इसकी कल्पना की जा सकती है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि बच्चों और महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर न पड़े।

Updated on:
15 Apr 2025 10:35 am
Published on:
15 Apr 2025 10:33 am
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