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Video : ज्योत से ज्योत मिली तो निकले ग्रामीण नंगाल (धागे से बनी डोर) के नीचे से

कस्बे में रविवार को सुख समृद्वि व खुशहाली के लिए बनी हुई परम्परा के अनुसार ग्रामीण गांव बाहर को निकले । इसके पहले ग्रामीण परम्परा के अनुसार सभी वर्ग के महिला ,पुरूष ,बूढ़े ,बच्चों के साथ गाय, भैस ,भेड़ ,बकरी सहित लोकदेवता हीरामन जी की नगाल ( धागे से बनी डोर) के नीचे होकर निकले।

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जजावर. कस्बे में रविवार को सुख समृद्वि व खुशहाली के लिए बनी हुई परम्परा के अनुसार ग्रामीण गांव बाहर को निकले । इसके पहले ग्रामीण परम्परा के अनुसार सभी वर्ग के महिला ,पुरूष ,बूढ़े ,बच्चों के साथ गाय, भैस ,भेड़ ,बकरी सहित लोकदेवता हीरामन जी की नगाल ( धागे से बनी डोर) के नीचे होकर निकले। जहाँ वाद्य यंत्र ढाक से वातावरण संगीतमय बना हुआ था।सभी जयकारे के साथ उत्साहपूर्वक नंगाल के नीचे निकलते रहे।लोगों में हिरामन जी के प्रति आस्था यहाँ तक है कि सुबह जब तक नंगाल के नीचे नही निकले तब तक कि चूल्हा चौका व झाडू नही लगाया जाता।सम्पूर्ण गांव के ग्रामीण हीरामन जी के आदेशानुसार कच्चे सूत के धागे से बने डोर के नीचे होकर गांव से बाहर निकलते है तथा लड्डु – बाटी बनाते है ।ऐसी परम्परा का निर्वाहन कस्बें की सुख समृद्वि व खुशहाली के लिए किया जाता है।