
सावन माह शुरू, फिर में प्यासे बांध
नैनवां. सावन की शुरुआत हो गई, लेकिन अभी तक इन्द्रदेव मेहरबान नहीं होने से नैनवां उपखंड के जल संसाधन विभाग के सभी बांध सूखे पड़े हैं। बांधों में जल की हिलोरों की जगह धूल उड़ रही है। उपखंड में आधा दर्जन बांध ऐसे हैं, जिनसे सिंचाई के साथ पेयजल भी उपलब्ध होता है।
सूखे पड़े बांधों में पानी की आवक नहीं होने से बांधों के पेेंदों मेें पेयजल के लिए लगे नलकूप भी पानी की जगह हवा फैंकने लगे हैं। जल संसाधन विभाग के सूत्रों के अनुसार बरसात नहीं होने से बांधों में पानी की आवक नहीं हो पाई है। 25 फीट के भराव क्षमता वाला पाईबालापुरा बांध सूखा पड़ा है। बांध सूखा पड़े होने से नैनवां व देई कस्बे को जलापूर्ति करने वाली पाईबालापुरा पेयजल योजना के नलकूपों ने भी जवाब दे दिया। जिससे नैनवां कस्बे के लिए टैंकर ही पानी का सहारा बने हुए हैं। नौ फीट भराव क्षमता वाले दुगारी बांध में भी अभी पानी की आवक नहीं हो पाई। बांध में अब पेंदे में ही पानी बचा हुआ है। दस फीट भराव क्षमता वाले बटावदी बांध, नौ फीट भराव क्षमता वाले बंसोली बांध, 17 फीट भराव क्षमता वाले मोतीपुरा बांध व 13 फीट भराव क्षमता वाले माछली बांध में भी अभी पानी की आवक नहीं हो पाई है। बांधों में पानी की आवक नहीं हो पाने से भूजल का पुर्नभरण नहीं हो पाने से सावन की शुरुआत होने के बाद नलकूप व हैण्डपम्पों में पानी की आवक नहीं हो पाई है।
हिण्डोली. क्षेत्र के गांवों में रविवार को बारिश नहीं होने से किसान परेशान रहे। यहां पर जल संसाधन विभाग व पंचायतों के अधीन एक दर्जन से अधिक बांध व तालाब सूखे पड़े हुए हैं। यहां पर गुढ़ा बांध में शनिवार को मामूली पानी की आवक हुई है। इसके अलावा गोठड़ा, मेण्डी, पेच की बावड़ी, बांक्या, हिण्डोली, रुणीजा, विजयगढ़ सहित कई बांधों में पानी की आवक नहीं हो पाई है।
Updated on:
26 Jul 2021 06:32 pm
Published on:
26 Jul 2021 06:30 pm
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