Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यहां एक साथ 50 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है।
Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यहां एक साथ 50 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। बताया जा रहा है कि इनमें से 14 पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। यह आत्मसमर्पण बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव के समक्ष किया गया। बता दें कि पिछले दिनों से सुरक्षा बल लगातार एक्शन में नजर आ रहा है। इससे घबराए नक्सली अब आत्मसमर्पण की राह चुन रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सरेंडर करने वाले 50 लोगों में से 6 पर 8-8 लाख रुपये का इनाम है, जबकि अन्य तीन पर 5-5 लाख रुपये का इनाम है। इसके अलावा पांच और नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया गया है।
इस साल पहली बार एक साथ 50 नक्सलियों के सरेंडर करने से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। 31 मार्च 2026 तक प्रदेश से नक्सलियों के खत्म करने की डेडलाइन को लेकर सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में लोन वर्राटू अभियान, नक्सली पुनर्वास नीति के तहत भी नक्सलियों को घर वापसी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि यह एक बड़ी उपलब्धि है और कुछ ही देर में मीडिया को विस्तृत जानकारी दी जाएगी। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में कुछ प्रमुख कमांडर भी शामिल हैं, जो लंबे समय से सक्रिय थे।
सिर्फ पिछले 86 दिनों में 133 नक्सलियों का सफाया किया जा चुका है। सुरक्षा दल पूरी जान लगाकर इस नक्सलवाद को खत्म करने में लगे हुए हैं। गौरतलब है कि सुरक्षा बलों ने शनिवार (29 मार्च) को छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों में दो मुठभेड़ के तहत 11 महिलाओं समेत 18 नक्सलियों को मार गिराया था। नक्सलवाद को खत्म करने के मिशन के तहत यह एक बड़ी सफलता है।
दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे ’लोन वर्राटू’ अभियान को शनिवार को एक और बड़ी सफलता मिली, जब 15 नक्सली ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पितों में विभिन्न स्तरों पर सक्रिय नक्सली शामिल है। शासन की ’पुनर्वास नीति’ के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ लगातार भटके हुए नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रयास कर रही हैं। सुरक्षाबलों द्वारा गांव-गांव संपर्क और संवाद कर आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके प्रभाव में शीर्ष नक्सली सहित कई भटके हुए नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
’लोन वर्राटू’ अभियान के तहत अब तक 221 इनामी नक्सली सहित कुल 927 नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुयधारा में जुड़ चुके हैं।