
Shivraj Singh Chauhan: कृषि मंत्री बनने के बाद से शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) बेचैन हैं। ये बात खुद शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली (delhi) में अफसरों के सामने खुले मंच से कही है। शिवराज सिंह चौहान के बेचैन होने वाला बयान अब चर्चाओं में आ गया है। आखिर कौन सी वजह है जिसके कारण शिवराज सिंह चौहान बेचैन हैं तो ये भी खुद शिवराज सिंह चौहान ने इसी मंच से बताया है। तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर शिवराज सिंह चौहान कृषि मंत्रालय (agriculture ministry) मिलने के बाद से बेचैन क्यों हैं ?
शिवराज सिंह चौहान ने अफसरों के सामने कहा कि जिस दिन वो कृषि मंत्री बने उसी दिन से बेचैन हैं। दिन रात बस यही सोचते रहते हैं कि कैसे करें। शिवराज सिंह ने कहा कि कृषि के क्षेत्र को आगे बढ़ाना और किसान का कल्याण करना प्रधानमंत्री का विजन हमारा मिशन है और इस मिशन को हर हालत में पूरा करना है। उन्होंने आगे कहा कि किसानों की भलाई के लिए कहां से कुछ बेहतर काम हो सकता है ये जानने के लिए मुझे एक्सपर्ट्स से बात करनी थी इसलिए मैं आप सभी एक्सपर्ट्स से मिलने के लिए आया हूं।
कार्यक्रम के दौरान उस वक्त पूरा ऑडिटोरियम हंसी के ठहाकों से गूंज उठा जब मंच से बोलते बोलते शिवराज सिंह चौहान खुद को मुख्यमंत्री कह गए। शिवराज सिंह चौहान मंच से बोल रहे थे तभी उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोई सब..इतना कहते ही शिवराज रुक गए और तुरंत कहा कि हंसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नहीं कृषि मंत्री…इसके बाद वहां मौजूद सभी अफसर और शिवराज सिंह तक ठहाके लगाकर हंसने लगे। इसके बाद शिवराज सिंह ने कहा कि मैं 4 बार मुख्यमंत्री रहा हूं..अब इतने साल सीएम रहा हूं तो कुछ दिन तो लगेंगे भूलने में।
Updated on:
25 Jun 2024 10:25 pm
Published on:
23 Jun 2024 07:01 pm

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