
केंद्रीय जांच एजेंसियों का भी हो सकता है दखल
भोपाल. दमोह के गंगा जमना स्कूल की अरबों की प्रॉपर्टी है। स्कूल की फर्म का यूनाइटेड अरब अमीरात तक व्यापार है। फर्म की दाल अरब देशों तक निर्यात हो रहीं हैं। साथ ही फर्म की दिल्ली, भोपाल, जबलपुर, बैंगलुरू, हैदराबाद शहरों में कई सम्पत्तियां हैं। फर्म के कई सदस्य भू माफिया से जुड़े हैं और यही कारण है कि इसके पास हजारों एकड़ जमीन है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और डीजीपी सुधीर सक्सेना को स्कूल की सभी गतिविधियों की गंभीरता से जांच के निर्देश दिए हैं। इसमें स्कूल की फर्म की गंभीर शिकायतों की अलग से विस्तार से जांच होगी। धर्मांतरण, आतंकवाद फंडिंग जैसी शिकायतें जुड़ने के बाद अब इसमें केंद्रीय जांच एजेंसियों का भी दखल हो सकता है।
गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा, टेरर फंडिंग जैसे मामले में राष्ट्रीय एजेंसी के संपर्क करने पर मप्र पुलिस पूरा सहयोग करेगी। इधर, मुरैना में मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश की हर घटना पर मेरी नजर है। धर्मांतरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिवराज स्कूल में धर्मांतरण के सवाल पर हेलीपेड पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
फर्म के कई सदस्य भू माफिया से जुड़े हैं और बताया जा रहा है कि इसने करीब 2400 एकड़ जमीन दबाई- गंगा जमना दाल मिल की दाल अरब देशों तक निर्यात हो रहीं हैं। स्कूल संचालकों की कई शहरों में प्रापर्टी है। देश की राजधानी दिल्ली और एमपी की राजधानी भोपाल सहित कई महानगरों में मकान, दुकानें हैं। भोपाल में इनके कई कारखाने हैं। फर्म के कई सदस्य भू माफिया से जुड़े हैं और बताया जा रहा है कि इसने करीब 2400 एकड़ जमीन दबाई है।
Published on:
09 Jun 2023 02:12 pm
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