12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कुत्तों का टिफिन सेंटर…………100 कुत्तों का टिफिन तैयार कर प्रतिदिन तीन किमी दायरे में खिलाते हैं

100 कुत्तों का टिफिन तैयार कर प्रतिदिन तीन किमी दायरे में खिलाते हैं, इससे कम हो रहीं कुत्ता काटने की घटना -टिफिन तैयार कर मां बेटी कभी स्कूटी तो कभी कार से निकलती हैं, 97 कुत्तों की नसबंदी भी कराई

2 min read
Google source verification
,

100 कुत्तों का टिफिन तैयार कर प्रतिदिन तीन किमी दायरे में खिलाते हैं,,कुत्तों का टिफिन सेंटर............100 कुत्तों का टिफिन तैयार कर प्रतिदिन तीन किमी दायरे में खिलाते हैं

भोपाल. कल्पना नगर से लेकर भेल, पिपलानी व आस-पास के क्षेत्र में दूसरी लहर के लॉकडाउन में कुत्तों को खाना बांटना शुरू करने वाली मां बेटी आज सुबह से ही 100 कुत्तों का खाना तैयार कर उन्हें टिफिन में भरकर वाहन से बांटने निकल जाती हैं। शुरू में आस-पास के कुत्तों को खाना देते थे, बाद में धीरे-धीरे टिफिन तैयार कर उनके स्थान तक पहुंचाने का काम शुरू किया। इसका फायदा ये हुआ कि कुत्तों को उनके स्थान पर खाना मिलने से उनमें हिंसक प्रवृत्ति कम हो गई है। जब से कल्पना नगर, गणेश मंदिर, पिपलानी भेल स्पोट्र्स क्लब भेल सीनियर क्लब, भेल गेस्ट हाऊस, थाना गोविंदपुरा एव भेल दशहरा मैदान के कुत्तों को खाना मिला है, यहां बच्चों को काटने की घटना भी नहीं हुई। क्षेत्र के लोग भी इनके कार्य को सराह रहे हैं। अब तक 97 ·कुत्तों की नसबंदी भी करा चुकी हैं।

कल्पना नगर निवासी लता गिल, मनप्रीत गिल, सोनिया गिल और निहारिका बलानी मिलकर इस काम को करती हैं। अनिल और अशोक इनका सहयोग करते हैं। सुबह से ही घर में खाना बनना शुरू हो जाता है। खाने के टिफिन में चावल पेडिगिरी, चिकन मिक्स एवं डॉग्स बिस्किट रहते हैं। लता ने बताया कि खाना तैयार करने के बाद सुबह 7.30 से 9. 30 बजे शाम अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर खाने का वितरण करते हैं। अब तो स्थिति ये हो गई कि कुत्ते इनके आने का इंतजार करते हैं। कुत्तों की एक जगह भीड़ न हो इसके लिए ये लोग घूम-घूम कर उनके स्थान पर जाकर खाना वितरित करते हैं। टिफिन तैयार कर मां बेटी कभी स्कूटी तो कभी कार से निकलती हैं, 97 कुत्तों की नसबंदी भी कराई

लॉकडाउन में पुलिस ने किया सहयोग

दूसरी लहर के लॉकडाउन में कुत्तों को खाना देने के लिए इनको पुलिस ने भी मौखिक रूप से परमिशन दे रखी थी। कुत्तों के टिफिन से लगी कार या स्कूटी देखकर उन्हें आने जाने की परमिशन रहती थी।