- मकान कुछ साल पहले बनाया, वर्ष-2007 से यूडी टैक्स बकाया निकाल दिया - शहर की सम्पत्तियों का निगम ने नहीं करवाया सर्वे
Bhilwara news : शहर में कितने मकान, दुकान, प्रतिष्ठान, कोचिंग संस्थान, बैंक या अन्य निजी सम्पति है इसकी जानकारी नगर निगम के पास नहीं है। राज्य सरकार की ओर से नगरीय कर यूडी टैक्स लागू करने के बाद निगम ने सर्वे तक नहीं करवाया। ऐसे में कर वसूली के लिए संविदा पर लगे कर्मचारी मनमर्जी से लोगों को टैक्स जमा कराने के लिए नोटिस जारी कर रहे है। वसूली के लिए नोटिस भी वर्ष-2007 से दिया जा रहा है। इसके कारण कई लोग तो केवल नोटिस को लेकर फाइल में दबाकर बैठ गए। कुछ लोग इन नोटिस के बाद निगम के चक्कर काट रहे है।
निगम के अनुसार हर वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ग्रांट राशि जारी करती है। इसके लिए सरकार भी यूडी टैक्स की वसूली में हर साल 11 से 15 प्रतिशत की बढोत्तरी का लक्ष्य निर्धारित कर एक शर्त तय करती है कि निर्धारित राशि की वसूली नहीं होने पर ग्रांट बंद कर दी जाएगी। इसके कारण नगरीय कर शाखा में कार्यरत कर्मचारी मनमर्जी से हर किसी को वर्ष-2007 से कर जमा कराने के नोटिस जारी कर रहे है। ऐसे निगम के पास बड़ी संख्या में शिकायत पहुंच रही है।
इनको जारी कर रहे नोटिस
निगम ने शहर में भवनों का सर्वे तो नहीं करवाया, लेकिन पांच श्रेणियों आवासीय, इंस्टीट्यूट, व्यावसायिक, मिक्सड और इंडस्ट्रियल में भवनों का चिन्हीकरण कर यूडी टैक्स वसूली के लिए वर्ष-2007 से नोटिस जारी कर रहे है।
कोई भी शिकायत लंबित नहीं है
सहायक नगर नियोजक आशीष लोढा ने बताया कि यूडी टैक्स को लेकर अभी कोई शिकायत नहीं है। टैक्स गणना या नोटिस से कोई शिकायत है तो इसके मकान के दस्तावेज के आधार पर बदलाव का किया जा सकता है। मकान के निर्माण, निर्माण स्वीकृति, बिजली या पानी का कनेक्शन लेने को लेकर भी गणना में त्रुटि सुधार किया जा रहा है। निगम क्षेत्र में 10 से 15 हजार भवन कर योग्य सम्पत्ति है।
नोटिस 2007 से थमाया
मेरे मकान का निर्माण-2020 में हुआ था, लेकिन नगर निगम ने 2007 से नगरीय कर जमा कराने का नोटिस जारी किया है। जब इसके लिए निगम गया तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला।
- प्रकाश गंगवाल, मकान स्वामी
मेरे मकान का निर्माण 2018 के बाद हुआ, लेकिन मुझे पिछले साल नगर परिषद जो अब निगम की ओर से 2007 से यूडी टैक्स का नोटिस मिला है। लेकिन मेरा मकान 18 गुना 45 फीट का ही है। उसके बावजूद नोटिस थमाया गया है।
- प्रदीप टेलर, मकान स्वामी