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bhilwara news : 24 ग्राम पंचायतों में नहीं रहा अब सरपंची राज, सरकार ने सरपंचों व वार्ड पंचों को हटाया

- ग्राम पंचायतें हुई नगर निगम का हिस्सा, पंचायती राज विभाग ने जारी की अधिसूचना, - 12 मार्च के बाद जारी पट्टे होंगे अवैध, चल-अचल संपत्ति निगम को होगी स्थानांतरित, - प्रशासनिक मुख्यालय अब जिला परिषद नहीं निगम होगा

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Sarpanch Raj is no longer in 24 Gram Panchayats, the government has removed Sarpanchs and Ward Panchs

Sarpanch Raj is no longer in 24 Gram Panchayats, the government has removed Sarpanchs and Ward Panchs

bhilwara news : ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी कर नगर निगम भीलवाड़ा में शामिल की गई 24 ग्राम पंचायतों के सरपंचों व वार्ड पंचों को पद मुक्त कर दिया है। साथ ही 12 मार्च को स्वायत्त शासन विभाग जयपुर की अधिसूचना के बाद जारी किए गए पट्टों को भी अब अवैध माना जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों का प्रशासनिक मुख्यालय अब जिला परिषद नहीं नगर निगम होगा।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के उपायुक्त एवं उप शासन सचिव (प्रथम) इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को अधिसूचना जारी की है। इसके तहत अब ग्राम पंचायत पांसल का राजस्व ग्राम पांसल, ग्राम पंचायत मालोला का राजस्व ग्राम मालोला, जोधडास, ग्राम पंचायत आटूण का राजस्व ग्राम आटूण, ठगों का खेड़ा, हजारी खेड़ा, ग्राम पंचायत पालडी का राजस्व ग्राम पालडी, इन्द्रपुरा, गोविन्दपुरा, देवखेड़ी, तेलीखेड़ा, (बिलिया का शेष भाग), ग्राम पंचायत हलेड का राजस्व ग्राम हलेड, सबलपुरा, ग्राम पंचायत सुवाणा का राजस्व ग्राम सुवाणा, नई इरास, ग्राम पंचायत भोली का राजस्व ग्राम माधोपुर, ग्राम पंचायत आरजिया का राजस्व ग्राम आरजिया, केशवपुरा, जाटो का खेडा, सोलबीघा, ग्राम पंचायत गठीला खेडा का राजस्व ग्राम गठीला खेडा, बीड का खेडा, ग्राम पंचायत सिदडियास का राजस्व ग्राम आकोला का सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र को नगर निगम भीलवाडा की वर्तमान सीमा क्षेत्र में शामिल किया गया।

इसके कारण राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्या-13) की धारा-101 में वर्णित शक्तियों का प्रयोग करते हुए 24 ग्राम पंचायतें नगर निगम में शामिल की गई। ग्राम पंचायत या राजस्व ग्रामों को पंचायती राज संस्थाओं की सीमाओं से पृथक कर दिया गया है। इसके साथ ही राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-101(2) (घ) के प्रावधानानुसार नगर निगम भीलवाड़ा की सीमा में शामिल किए गए क्षेत्र से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को हटाया हुआ माना जाएगा।

यह कहते है नियम

  • स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तुरंत बाद प्रभावित ग्राम पंचायत की ओर से ग्राम पंचायत के रूप में किसी भी तरह की कार्रवाई सम्पादित नहीं कर सकती।
  • संबंधित विकास अधिकारी अविलम्ब ऐसी ग्राम पंचायत के बैंक खातों से राशि का आहरण रोकने के लिए पीएफएमएस पोर्टल व ई-पंचायत पर प्रभावित ग्राम पंचायत की आइडी ब्लॉक कर, राशि का आहरण व वितरण रोका जाना सुनिश्चित करेंगे।
  • सीइओ ग्राम पंचायत का सभी रिकॉर्ड निगम को सौंपेगा।

इनका कहना है

पुर्नगठन के दौरान यह सभी 24 ग्राम पंचायतें नगर निगम भीलवाड़ा में शामिल हो चुकी है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। ग्राम पंचायतों के रिकार्ड नगर निगम को स्थानांतरित करने का कार्य जिला कलक्टर के आदेशानुसार नियमानुसार शुरू हो जाएगा। उक्त पंचायतों का प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र अब नगर निगम रहेगा।

हेमाराम चौधरी, आयुक्त नगर निगम, भीलवाड़ा

रिकार्ड निगम को सौंपा जाएगा

24 ग्राम पंचायतें नगर निगम में शामिल होने तथा जनप्रतिनिधियों को हटाने की अधिसूचना जारी होने के साथ ही अब सभी रिकार्ड नगर निगम में हस्तांतरण करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। किसी ने 12 मार्च बाद पट्टे जारी किए है तो वह अवैध होंगे।

चंद्रभानसिंह भाटी, सीईओ जिला परिषद भीलवाड़ा