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भिलाई-चरोदा में सर्वे, 60 फीसदी ने लिया मेयर के लिए एक नाम

भाजपा भी कर रही तैयारी.

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भिलाई

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Abdul Salam

Dec 28, 2021

भिलाई-चरोदा में सर्वे, 60 फीसदी ने लिया मेयर के लिए एक नाम

भिलाई-चरोदा में सर्वे, 60 फीसदी ने लिया मेयर के लिए एक नाम

भिलाई. नगर पालिक निगम, भिलाई-चरोदा के लिए मेयर कौन हो। इसका सर्वे पत्रिका ने किया। जिसमें करीब एक हजार लोगों से राय ली गई। तब उनमें से 60 फीसदी ने एक ही का नाम लिया। वहीं 20-20 फीसदी ने दो अन्य दावेदारों का नाम लिया है। इधर दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मेयर पद के लिए अपनी ओर से एक का नाम तय कर रहे हैं। कांग्रेस के दो गुटो में अगर मनमुटाव हुआ तो उसका लाभ उठाने की कोशिश की जाएगी।

एक नाम पर 60 फीसदी सहमत
लोगों ने सर्वे के दौरान कांग्रेस के निर्मल कोसरे, जिलाध्यक्ष, ग्रामीण को भिलाई-चरोदा के मेयर के तौर पर देखना पसंद कर रहे हैं। इसके पीछे बड़ी वजह वे उनके सरल व्यक्तित्व को मान रहे हैं। जिलाध्यक्ष बनने से पहले भी वे कार्यकर्ताओं के बीच मिलनसार के तौर पर पहचान बना चुके हैं। संगठन में रहकर नई टीम तैयार की। संगठन उनके नेतृत्व में बेहतर काम कर रहा है। वे सभी को लेकर चलने की क्षमता रखते हैं।

पूर्व मेयर को शिकस्त देने वाले को 20 फीसदी ने किया पसंद
भाजपा की पूर्व मेयर चंद्रकांता मांडले शिकस्त देने वाली भारती राम सूर्यवंशी को बीस फीसदी लोग मेयर के तौर पर देखना चाहते हैं। इसके पीछे वे तर्क दे रहे हैं कि भिलाई-चरोदा निगम में पांच साल तक मेयर रहने वाले किसी नेता को एक वार्ड में चुनाव के दौरान हरा देना आसान नहीं होता। भारती काबिल है इस वजह से उसे मौका दिया जाना चाहिए।

20 फीसदी चाहते हैं मिले ललित को मौका
भिलाई-चरोदा में सर्वे के दौरान 20 फीसदी ने ललित दुर्गा को कांग्रेस का पहला मेयर बनाने की बात कही। लोगों का कहना है कि निर्मल कोसरे के पास पहले से एक जिम्मेदार जिलाध्यक्ष के तौर पर है। वे संगठन का काम बेहतर तरीके से संभाल रहे हैं। ऐसे में उनके कांधे पर दूसरी बड़ी जिम्मेदारी नहीं डालना चाहिए। अगर संगठन से उनको हटाते हैं तो जिस तरह से वे सभी से मिलकर चला रहे हैं, वैसा दूसरा व्यक्ति कौन मिलेगा। इस बार महिला के लिए मेयर पद आरक्षित नहीं है, इस वजह से महिला को मौका नहीं दिया जाना चाहिए। ऐसे में ललित दुर्गा बेहतर हैं। वे युवा है और सभी को लेकर चलने की क्षमता रखते हैं।

भाजपा भी जुटी तैयरी में
भारतीय जनता पार्टी भी तैयारी में जुट गई है। मेयर पद के लिए अगर कांग्रेस में मनमुटाव होता है, तब भाजपा के नेता अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारकर क्रास वोटिंग होने का लाभ उठा सकते हैं।

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