2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा में करवाया नकल, छात्रा की शिकायत पर जांच शुरू… बैठाए जा सकते हैं ऑब्जर्वर

Bhilai Hemchand Yadav University: भिलाई हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा के दौरान भिलाई-3 स्थित खूबचंद महाविद्यालय में नकल कराए जाने के कथित मामले में शुक्रवार को जांच शुरू हो गई।

2 min read
Google source verification
विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा में करवाया नकल, छात्रा की शिकायत पर जांच शुरू... अब एग्जाम में बैठाए जा सकते हैं ऑब्जर्वर

Bhilai News: भिलाई हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा के दौरान भिलाई-3 स्थित खूबचंद महाविद्यालय में नकल कराए जाने के कथित मामले में शुक्रवार को जांच शुरू हो गई। प्रकरण की जांच के लिए कुलपति द्वारा बनाई गई समिति में क्षेत्रीय अपर संचालक उच्च शिक्षा दुर्ग डॉ. राजेश अग्रवाल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप और परीक्षा उपकुलसचिव डॉ. राजमणि पटेल महाविद्यालय पहुंचे। जांच के दौरान प्राचार्य, केंद्राध्यक्ष, उस वक्त परीक्षा ड्यूटी में लगे पर्यवेक्षक और अन्य स्टाफ से पूछताछ की गई।

पूछताछ में सामने आया कि, 12 मार्च को बीकॉम की परीक्षा के दौरान दो छात्रों को अलग कक्ष में बैठाया गया है। जांच के दौरान केंद्राध्यक्ष ने अपना पक्ष भी रखा है। साथ ही मामले की जानकारी विश्वविद्यालय को नहीं दिए जाने के बारे में गलती मानी है। पहले दिन की जांच में विश्वविद्यालयीन अधिकारियों ने कई साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि यह जांच अभी जारी रहेगी।

संभवत: सोमवार या मंगलवार तक इस मामले में प्रतिवेदन तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा पूछताछ में जितने तथ्य सामने आए हैं, वे सभी बैठक के जरिए कुलपति के समक्ष में रखे जाएंगे। मामले की जांच के लिए निरीक्षण दल शनिवार या सोमवार को एक बार फिर कॉलेज पहुंचेगा।

क्या हो सकती है कार्रवाई

जांच जारी है, इसलिए निरीक्षण दल और विश्वविद्यालयीन अधिकारी अभी इस संबंध में कोई फैसला नहीं ले पाए हैं। जांच प्रतिवेदन के प्रस्तुत होने के बाद इस मामले में कार्रवाई होनी है। आमतौर पर ऐसी घटना होने पर संबधित कॉलेज में विश्वविद्यालय के द्वारा ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया जाता है, जो परीक्षा संपन्न कराता है। जांच के बाद कुछ ऐसी ही कार्रवाई खूबचंद बघेल में भी हो सकती है।

हालांकि, यदि ऑब्जर्वर की नियुक्ति होती है तो यह प्रदेश का पहला मामला होगा। जिसमें किसी सरकारी कॉलेज में ऑब्जर्वर नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा दोषियों के खिलाफ शासन स्तर पर कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय लिख सकता है। जिमेदारों की वेतन वृद्धि रोकने के साथ अन्य तरह की कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा केंद्राध्यक्ष को भी हटाया भी जा सकता है।

यह भी पढ़े: Budget 2025-26: 27 मार्च को भिलाई महापौर पेश करेंगे 146.10 करोड़ रुपए का बजट, देखें किसे होगा लाभ?

जानिए…क्या है मामला

हेमचंद विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा के दौरान खूबचंद महाविद्यालय में 12 मार्च को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे बीकॉम द्वितीय वर्ष छात्रों की परीक्षा हो रही थी। कॉलेज के कक्ष क्रमांक एन-12 में सभी विद्यार्थी परीक्षा दिला रहे थे। तभी पर्यवेक्षक आए और दो परीक्षार्थियों को उनकी जगह से उठाकर बॉटनी प्रयोगशाला में ले गए।

यानी परीक्षा के एक घंटे बाद दोनों परीक्षार्थियों की जगह अचानक से बदल दी गई। कक्ष में ले जाने के बाद परीक्षार्थियों को नए प्रश्नपत्र और नई उत्तरपुस्तिकाएं दी गई। एक तरफ जहां इस विषय के बाकी परीक्षार्थी अपने रोल नंबर पर बैठकर परीक्षा दिला रहे थे, वहीं इन दोनों परीक्षार्थियों को अलग कमरे में बैठाया गया।

सबसे खास बात यह है कि जब तमाम परीक्षार्थियों की परीक्षा समाप्त हो गई तब भी यह दोनों परीक्षार्थी अन्य कक्ष में बैठकर उत्तरपुस्तिका लिखते रहे। इस मामले की शिकायत लिखित में विश्वविद्यालय से की गई, जिसके बाद शुक्रवार को मामले की जांच के लिए जांच समिति ने निरीक्षण किया।

खूबचंद महाविद्यालय में नकल कराए जाने की शिकायत के बाद निरीक्षण दल द्वारा जांच शुरू हो गई है। इसमें कई पहलूओं को और देखना है। इसके बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी। विश्वविद्यालय उचित कार्रवाई करेगा। - भूपेंद्र कुलदीप, कुलसचिव,हेमचंद विश्वविद्यालय

Story Loader