बस्सी @ पत्रिका. अंग्रेजी हुकुमत के समय जयपुर व दौसा के बीच में बढ़ रहे अपराध को रोकने के लिए जयपर – दिल्ली रेलवे ट्रेक व जयपुर- आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जटवाड़ा पुलिस चौकी की स्थापना की थी, जो आज तक पुलिस थाना नहीं बन पाई। उस वक्त बस्सी थाना भी नहीं था।
पहले तो जटवाड़ा पुलिस चौकी जयपुर थाने के अधीन आती थी, लेकिन बाद में इसको दौसा कोतवाली के अधीन दे दी, अब यह बस्सी थाने के अधीन आती है। जयपुर से दौसा के बीच में सुनसान जगह पर कई चोर – लुटरों का भय था, ऐसे में अंग्रेजों इस जटवा़ड़ा पुलिस चौकी को स्थापित किया। पहले यह पुलिस चौकी जटवाड़ा रेलवे स्टेशन के समीप थी अब यह हाइवे पर शिफ्ट हो गई।
प्रदेश में कई सरकारें आई और कई चली गई, लेकिन आज तक यह पुलिस चौकी पुलिस थाना नहीं बन पाई। अब हाइवे पर कई सड़क दुघर्टनाएं होती है। अपराध भी बढ़ गया। चौकी के अधीन करीब 50 गांव भी है, फिर भी जटवाड़ा पुलिस चौकी को थाने का दर्जा नहीं मिल पाया है।