बस्सी. समर्थन मूल्य पर अब गेहूं खरीद में तेजी आना शुरू हो गई है, जबकि कृषि मण्डी में आवक कम हो गई है। बस्सी व चाकसू समर्थन मूल्य केन्द्र पर सोमवार तक साढे़ तीन-तीन हजार क्विंटल गेहूं की तुलाई हो चुकी है। इस बार समर्थन मूल्य के भाव बढ़ने से किसान समर्थन मूल्य केन्द्र का रुख कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार भारतीय खाद्य निगम के समर्थन मूल्य केन्द्रों पर 1 अप्रेल से गेहूं खरीद शुरू कर दी थी, पहले तो यहां पर कम ही किसान गेहूं लेकर आ रहे थे, लेकिन अब किसानों की संख्या बढ़ना शुरू हो गया है। बस्सी समर्थन मूल्य केन्द्र पर 154 किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें से 78 किसानों का जिंस की तुलाई हो चकी है।
जबकि चाकसू समर्थन मूल्य केन्द्र पर 305 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है, जिनमें से 105 किसानों का माल की तुलाई हो चुकी है। मण्डी से अधिक भाव मिल रहे हैं समर्थन मूल्य पर सरकार ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2575 रुपए प्रति क्विंटल रखा है, जबकि कृषि उपज मण्डी में सोमवार को 2450 से 2550 रुपए प्रति क्विंटल बिका है। यही कारण है कि किसानों ने अब समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने का रुख कर लिया है। समर्थन मूल्य केन्द्र पर किसानों की कतार लगना शुरू हो गई है। यहां भी किया जा रहा तुरंत भुगतान समर्थन मूल्य केन्द्रों पर पहले जिंस बेचने वाले किसानों को भुगतान का महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन एफसीआई जिस दिन किसान का माल की तुलाई होती है, उसके दो घंटे के अन्दर ही उनके बैंक खातों में भुगतान कर दिया जाता है।
ऐसे में किसान अबकी बार समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र पर अधिक माल ला रहे हैं। चना-सरसों के नहीं मिले निर्देश इधर, सरकार 10 अप्रेल से चना व सरसों की खरीद शुरू कर रही है, लेकिन साेमवार तक सरकार ने चना व सरसों की खरीद के लिए समर्थन मूल्य केन्द्र पर कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। बस्सी में चना व सरसों की खरीद राजफेड करेगी। बस्सी क्रय विक्रय सहकारी समिति के कर्मचारियों ने बताया कि चना व सरसों की खरीद की पूरी तैयारी कर रखी है, लेकिन अभी राजफैड ने कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। (कासं.) अब किसान दिखा रहे रूचि समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र पर पहले तो किसान कम रूचि दिखा रहे थे, लेकिन अब मण्डी में भाव गिरने एवं आवक अधिक होने से किसानों ने खरीद केन्द्र पर माल लाना शुरू कर दिया है। – अजीत सिंह, किश्म निरीक्षक, समर्थन मूल्य केन्द्र चाकसू