
रतन दवे
कोरोनाकाल में आए वर्क फ्रॉम होम कल्चर और फिर डिजिटल दुनिया…कई युवाओं को आगे बढऩे की कूंजी मिल गई। उन्होंने न केवल खुद को स्थापित किया है बल्कि घर बैठे अब लखपति-करोड़पति बने हैं। 45 देशों तक तो उनके उत्पाद पहुंच रहे हैं। स्टार्टअप से खुद को स्थापित कर चुके ये युवा डिजिटल वर्ल्ड का उदा उदाहरण बन रहे हैं।
बाड़मेर के लाखों परिवार हैण्डीक्राट से जुड़े हैं। कतवारिनें और कशीदा करने वाली महिलाएं उत्पाद तैयार करती है और इनको बेचने का कार्य व्यापारी कर रहे हैं। हैण्डीक्राट में भी अजरख प्रिंट और कांथा वर्क फैमस है। कोरोनाकाल में व्यापारी वर्ग के युवाओं के सामने व्यापार का संकट आया। इस दौर में घर में ही रहना जरूरी था तो बाड़मेर के युवा जो जयपुर में रह रहे थे या यहीं थे, उन्होंने डिजिटल प्लेटफार्म पर किस्मत आजमाई। ऑन लाइन मार्केटिंग से जुड़ गए।
विनय खत्री बताते है कि आज की पीढ़ी अपने पारिवारिक कार्य से दूर भाग रही है जबकि आप उसी में नवाचार करके अपने कार्य को आगे बढ़ा सकते हैं।मार्केटिंग फ़ील्ड में एमबीए जयपुर से करने के बाद देश की नामी कंपनिया से लाखों के पैकेज को ना चुन कर अपने परिवारक काम किया। अजरख के प्रोडक्ट ऑनलाइन बेच रहे विनय कहते है कि वर्तमान युग डिजिटल मार्केटिंग का है, जिसका सही उपयोग करके हस्तशिल्प में 6000 से ज़्यादा महिलाओं को हस्तकला का काम देकर रोजगार प्रदान कर रहे तथा 40 से ज़्यादा अजरख आर्टिसन्स को रोजगार प्रदान कर रहे हैं।
हरीश महेश्वरी की कोराना में मृत्य हो गई। बहन रीटा महेश्वरी ने भाई के काम को आगे बढ़ाना शुरू किया। ऑन लाइन हैण्डीक्राट के व्यापार को बाड़मेर की रीटा जयपुर के ऑफिस से संचालित करती है। 11 देशों में उत्पाद पहुंच रहे हैं। गडरारोड़ से उत्पाद तैयार होते हैं। मार्केटिंग रीटा कर रही है और खरीदार जयपुर के है। हजारों महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।
जयपुर में रहे बाड़मेर के रोहित महेश्वरी ने कोरोनाकाल में अपने घर से ही वर्क फ्रॉम होम से इस व्यवसाय को शुरू किया। वे उत्पाद का डिस्प्ले सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर करते हैं। रोहित बताते है कि वर्ल्ड फेम वेबसाइट पर रजिस्टर करवाने के बाद में अजरख और कांथा दो की मांग रहती है। ऑन लाइन ऑर्डर मिलते हैं। लोगों को उत्पाद की गारंटी चाहिए। अच्छे उत्पाद भेजने पर ऑर्डर रिवाइज होते रहे और अब यह व्यवसाय चल पड़ा है।
इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर वेबसाइट में रजिस्टे्रशन करवाया जाता है। इसके बाद ऑर्डर आने शुरू हो जाते हैं। आर्टिसियन्स का यह रजिस्ट्रेशन उन्हें दुनिया के खरीदारों को एक मंच पर लाता है। यहां यूनिक आइटम की पहचान मिल जाती है। साड़ी, कुर्ती, चद्दर, रल्ली और कई तरह के उत्पादों को पसंद किया जाता है। बाड़मेर की अजरख प्रिंट और कांथा दोनों को खूब पसंद करते हैं। कच्छ गुजरात और बाड़मेर का इसमें दबदबा है। इन परिवारों के पहले से ही गडरारोड़ और बाड़मेर में पारिवारिक संपर्क है। वहां से तैयार माल आ जाता है। उसकी डिजाइन व कलर ये लोग तैयार करके भेजते हैं। युवाओं को यह ऑन लाइन और वर्क फ्रॉम होम कल्चर पसंद आ रहा है।
Published on:
03 Apr 2025 03:11 pm
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