
बरेली। नगर निगम बरेली की निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सैदपुर हॉकिंस क्षेत्र में बनी मुख्य सड़क की जांच में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन सामने आया है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के निर्देश पर कार्यदायी एजेंसी मैसर्स सिपट्टर सिंह ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
नगर निगम के निर्माण विभाग की ओर से इस बार वार्ड 55 में नर्सरी रोड से प्राथमिक विद्यालय तक हॉटमिक्स मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई थी। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि करीब 1017.94 वर्ग मीटर क्षेत्र में किए गए बिटुमिन कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तय मानकों का पालन नहीं किया गया।
बिटुमिन की मोटाई मानक 5 सेमी के बजाय केवल 3.50 सेमी पाई गई। इस्तेमाल की गई बिटुमिन की मात्रा कम थी।
निर्माण स्थल पर गुणवत्ता पूरी तरह फेल पाई गई। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी और सहायक अभियंता शिरीष कुमार ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया और मौके पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को असंतोषजनक करार दिया।
गौरतलब है कि नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने 1 मार्च 2025 को ही इस फर्म पर अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन और कार्य में देरी को लेकर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। उसके बाद भी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ।
नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से समझौता करने वाली फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनके भुगतान भी रोक दिए जाएंगे।
घटिया निर्माण पर फर्म पर जुर्माना
भुगतान पर अस्थायी रोक
बार-बार लापरवाही पर ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया
सभी निर्माण कार्यों की मानक के अनुसार जांच अनिवार्य
Published on:
09 Apr 2025 10:34 pm

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